नाबालिग को बंधक बना दुराचार करने वाले को 10 साल की कैद
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश राम सुचित ने एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और बंधक बनाकर उसके साथ दुराचार करने के मामले में एक अभियुक्त को 10 साल तथा अभियुक्त का सहयोग करने वाली महिला को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर पांच हजार व दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
हरगांव थाना क्षेत्र के रीछिन निवासी जमील अहमद ने 19 फरवरी 2014 को इस आशय का केस थाने में दर्ज कराया। वादी के मुताबिक, उसके पड़ोस में रहने वाले गुड्डू ने उदनापुर कोरैय्या में रहने वाली कमरजहां की मदद से उसकी 15 वर्षीया नाबालिग पुत्री को 20 जनवरी 2014 के बहला-फुसलाकर भगा ले गए। काफी खोजबीन के बाद भी उसकी पुत्री नहीं मिली। इसी बीच हरियाणा के पानीपत में मजदूरी करने वाले गांव के लालता व अय्यूब से पता चला कि उसकी बेटी को पानीपत में बंधक बनाकर रखा गया है। पानीपत पहुंचने पर गुड्डू भाग गया और वह अपनी बेटी को वापस लेकर आया। पुलिस ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र भेजा। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी गुड्डू व कमरजहां को दोषी पाते हुए गुड्डू को नाबालिग को बंधक बनाकर उसके साथ दुराचार करने पर दस साल की कैद व पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा उसकी मदद करने के चलते कमरजहां को सात साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।