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पुलिस पर पिटाई का आरोप लगा युवक ने खाया सल्फास

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सीतापुर में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती युवक। - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले के थाना हरगांव इलाके में शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हरगांव पुलिस पर थाने में बंद कर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए एक युवक ने सल्फास खा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर युवक से बातचीत की। गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस आरोपों को बेबुनियाद बताकर महिला सिपाही से फब्तियां कसने का मामला बता रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।
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हरगांव इलाके के शिवनगर निवासी प्रयास तिवारी (25) पुत्र स्व. रामप्रकाश ने शुक्रवार को घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया, इससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर युवक को आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसकी हालत को नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, युवक ने सल्फास का सेवन किया है।
सूचना पाकर शहर कोतवाल टीपी सिंह, एसओ हरगांव विनोद मिश्रा ने जिला अस्पताल पहुंचकर जांच पड़ताल की है। घटना को लेकर युवक ने जहर खाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है। युवक के कब्जे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने हरगांव पुलिस पर बुधवार की शाम को थाने ले जाकर अपनी और अपने साथी की पिटाई करने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में युवक ने पुलिस पर 10 हजार रुपये लेने का भी गंभीर आरोप जड़ा है। शुक्रवार की सुबह उसे थाने से छोड़ा गया था।
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युवक का आरोप है कि हरगांव चौराहे पर पुलिस ने उसका अपमान किया है। इसी से परेशान होकर उसने ये कदम उठाया है। सल्फास खाने वाले युवक ने इस घटना का जिम्मेदार हरगांव थाने की महिला सिपाही और आरक्षी शिवशंकर को ठहराया है। फिलहाल पुलिस ने सुुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई होगी। युवक के ठीक होने का इंतजार है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मानें तो युवक की प्लस लगातार कम पड़ रही थी। हालत बिगड़ रही थी। इसलिए उसे लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर खुदकुशी की कोशिश करने वाला युवक हरगांव के पूर्व चेयरमैन का भांजा बताया जा रहा है।
घटना को लेकर एसओ हरगांव विनोद मिश्रा बताते हैं कि 18 नवंबर की शाम को महिला सिपाहियों की थाने और चौराहे के पास ड्यूटी लगी थी। वह चेकिंग कर रहीं थी। इस दरम्यान में प्रयास तिवारी अपने साथी के साथ वहां से गुजरे और एक महिला सिपाही से फब्तियां कसीं, इस पर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को थाने लाया गया। मैं थाने पर नहीं था। इलाके में आग लग गई थी। उसे बुझवाने में लगा था।
देर रात करीब डेढ़ बजे वहां से वापस आया तो काफी रात होने की वजह से महिला सिपाही को नहीं जगाया। सुबह होने पर युवक के परिजनों को बुलाकर उन्हीं के सामने शपथ पत्र भरवाकर चेतावनी और नसीहत देकर छोड़ दिया गया था। इसके बाद अब युवक ने जहर खा लिया है तो पुलिस का क्या कुसूर है? पुलिस पर पिटाई और पैसे लेने के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। हो सकता है कि इसी बात को लेकर घरवालों ने डांट फटकार लगाई हो। इसी को लेकर युवक ने ऐसा कदम उठाया है। फिलहाल जांच की जा रही है।
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