अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रशीला ने दहेज हत्यारे पति को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर यादव ने की।
कमलापुर थानाक्षेत्र के पंचपीर निवासी सीताराम का विवाह 2006 में वादिनी रेखा की पुत्री रेनू के साथ हुआ था। शादी के बाद सीताराम व उसके परिवार वाले दहेज की मांग को लेकर रेनू को प्रताड़ित करते थे। इसी बीच शादी के तीन सालों के बाद रेनू की हत्या कर दी गई।
रेनू की मां रेखा ने दामाद सीताराम, उसके पिता हेमराज व मां चमेली के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा जुलाई 2009 में कमलापुर थाने में दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत अभियोजन साक्ष्य के आधार पर हेमराज व चमेली को न्यायालय ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया, लेकिन सीताराम को दहेज के लालच में पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया। उसे कोर्ट ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।