सीतापुर। कोरोना की जंग में धरती के भगवान यानी की डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ ढाल बना हुआ है। कोरोना योद्धाओं की सेवा देखकर इनके प्रति लोगों का भाव भी बदल रहा है। कोरोना मरीजों का इलाज कर आदर्शनगर स्थित घर लौटने वाली नर्सों पर फूलों की बारिश के साथ ताली-ठाली बजाकर उनका वेलकम किया गया।
एल-1 अस्पताल खैराबाद में 15 दिनों तक कोरोना मरीजों का इलाज करने वाली टीम-सी 15 दिनों तक पैसिव क्वारंटीन थी। बुधवार को क्वारंटीन की मियाद पूरी होने पर टीम की विदाई हुई। कोरोना वारियर्स की टीम में शामिल कुुसुम पांडेय साथी नर्स स्नेह सिंह के साथ अपने घर शहर कोतवाली के आदर्शनगर जाने के लिए निकलीं। मोहल्ले में पहुंचते ही वहां का नजारा देख उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई।
परिवार और मोहल्ले के लोगों ने उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारियां कर रखी थीं। काफी दूरी तक मैट बिछाकर उस पर ‘श्रद्धा’ के फूल बिछाए गए थे। फूलों से ही ‘वेलकम’ लिखकर स्वागत की तैयारी थी। अपने लिए इतना ‘स्नेह’ देखकर नर्स स्नेह सिंह और कुसुम पांडेय भावुक हो गईं। कुछ पल के लिए आंखें डबडबा गईं। नर्सों को दूर से ही आता देख लोगों ने ताली-थाली बजाकर स्वागत शुरू कर दिया। पास आते ही फूलों की बारिश शुरू हो गई।
मोहल्ले और घर के आसपास की महिलाओं ने माथे पर रोली से टीका, वंदन किया। कोरोना वारियर्स के पग ज्यों-ज्यों घर की दहलीज की ओर बढ़ रहे थे, त्यों-त्यों स्वागत में लगे लोगों का उत्साह भी हिलोरे मार रहा था। घर की दहलीज पर पहुंचने पर दोनों नर्सों को फिर से टीके लगे और आरती उतारी गई। कुसुम पांडेय का कहना है कि मोहल्ले में इस तरह से पहली बार एक नर्स को इतना प्यार और आदर भाव मिला है। यह स्नेह देखकर मन प्रफुल्लित है। घर-परिवार से दूर रहकर की गई कोरोना मरीजों की सेवा से जितनी खुशी मिल थी, लोगों का प्यार देखकर खुशी दोगुनी हो गई।