सीतापुर। शहर कोतवाली इलाके के एक बुजुर्ग की जिला अस्पताल में मौत हो गई। मृतक में कोरोना के लक्षण दिखे थे, उसकी कोरोना जांच का सैंपल लेने के कुछ देर बाद मौत हो गई। इससे अस्पताल से लेकर मृतक के परिवार में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रशासन ने बिना कोरोना रिपोर्ट आए ही शव परिवार को सौंप दिया। मृतक के बेटे ने वीडियो वायरल कर मदद की गुहार लगाई। डीएम के संज्ञान लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला मिरदही टोला निवासी एक 73 साल के बुजुर्ग को कई दिन से खांसी व बुखार की समस्या थी। बुजुर्ग के बेटे के मुताबिक कई दिन पूर्व एक प्राइवेट डॉक्टर के पास पिता को दिखाने ले गए, लेकिन उन्होंने बिना कोरोना जांच के देखने से मना कर दिया। बेटे का कहना है कि मंगलवार को वह पिता को लेकर जिला अस्पताल गए, जहां पर कोविड हेल्प डेस्क पर जांच कराने को कहा। इस पर डेस्क पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी ने खांसी बताकर कहा कि अगले दिन जांच कराना। बेटे का कहना है कि बुधवार की दोपहर पिता को लेकर जिला अस्पताल गया, जहां पर इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर ने उन्हें देखा। इसके बाद कोविड की जांच के लिए लिखा।
बुुजुर्ग की हालत बिगड़ रही थी। कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने के बाद बुजुर्ग को जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां पर कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे और परिवार को आशंका है कि बुजुर्ग की मौत कोरोना से हुई है। पिता की मौत के बाद बेटे ने वीडियो बनाकर वायरल कर मदद की गुहार लगाई। वायरल वीडियो में बेटे ने जिला अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए । कहा, कोरोना की जांच कराने में लापरवाही की गई।
इसके बाद पिता की मौत होने पर बिना कोरोना रिपोर्ट आए ही शव लेकर जाने को कहा। मृत्यु प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया। वायरल वीडियो को संज्ञान लेते हुए डीएम अखिलेश तिवारी ने सीएमओ को आदेश जारी किए। इसके बाद टीम मृतक का डेथ सर्टिफिकेट लेकर उसके घर पहुंची। मृतक के घर, मोहल्ले और गलियों को भी सैनिटाइज कराया गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई। अस्पताल आने के बाद ही आईसोलेशन में भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। कोरोना जांच के लिए सैंपल भी लिया गया। लखनऊ से रिपोर्ट आने में समय लगता है। मृतक का बेटा तुरंत रिपोर्ट मांग रहा था।
मृतक के पड़ोस में रहने वाले कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इसके साथ ही वृद्ध का बेटा, बड़े बेटे की पत्नी समेत परिवार के कई सदस्यों को बुखार आ रहा है।
कोरोना से बुजुर्ग की मौत की आशंका को लेकर घर ले जाने के बाद शव को परिवार के लोगों ने घर में लावारिस की तरह छोड़ दिया। मृतक के बेटे से लेकर, पत्नी, छोटे-छोटे बच्चों में कोरोना की दहशत पैदा हो गई। आसपास और मोहल्ले के लोगों की बात तो दूर परिवार के लोगों तक ने शव से दूरी बना ली थी।
एसीएमओ डॉ. उदय प्रताप सिंह टीम के साथ मृतक के घर पर पहुंचे। बताया कि सैनिटाइज की कार्रवाई पूरी हो गई है। कोरोना की जांच आरटीपीसीआर से कराई गई है। अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। फिलहाल मृतक को कोरोना पॉजिटिव ही मानकर अंतिम संस्कार किया गया, इस दौरान वायरस से बचने के लिए कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन लोगों ने किया है।
वायरल वीडियो के मामले का संज्ञान लिया गया है। सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं। एसीएमओ के नेतृत्व में सर्विलांस की टीम मृतक के घर भेजी गई है। कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
अखिलेश तिवारी, डीएम
बिना कोरोना रिपोर्ट आए पोस्टमार्टम की कार्रवाई रोकी जाती है। शव को तो परिवार को सौंपा ही जाता है। रिपोर्ट से इसका कोई मतलब नहीं होता है। वैसे भी मरने के छह घंटे बाद वायरस शरीर से खत्म होते जाते हैं। अभी ये कह नहीं सकते कोरोना पॉजिटिव ही थे। रिपोर्ट का इंतजार है।
डॉ. आलोक वर्मा, सीएमओ
मृतक के बेटे ने वीडियो वायरल कर दिया था। रात में ही मैने फोन से काफी देर बात की। इसके बाद वह संतुष्ट हो गए थे। सब ठीक है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। परिवार के सभी लोगों को होम क्वारंटीन कराया गया है। सैंपल लेकर जांच भी कराई जाएगी।
अमित भट्ट, एसडीएम सदर