लापरवाह कार्य शैली व बिना सूचना के गायब रहना सहकारी बैंक के प्रबंधक प्रमोद कुमार को महंगा पड़ गया। गुरुवार को उन्हें निलंबित कर दिया गया।
प्रबंध कमेटी की बैठक में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नीरज वर्मा ने यह कार्रवाई की। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए फसली व उर्वरक लोन सीमा स्वीकृत करने का निर्णय भी लिया गया।
इसके साथ ही बैंक उधार ग्रहण क्षमता 5 अरब रुपये निर्धारित करने पर भी सहमति बनी। अध्यक्ष ने बैठक में एनपीए वसूली की समीक्षा की गई तथा लक्ष्यों के अनुरूप वसूली करने के कडे निर्देश भी दिए गए। शाखा कसमंडा के प्रबंधक प्रमोद कुमार को बिना सूचना अनुपस्थित रहने के चलते निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए।