सीतापुर। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से चेताया कि यदि 26 नवंबर तक उनकी न्यायोचित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह लखनऊ मार्च कर मुख्यालय पर प्रदर्शन को विवश होंगे।
जिलाध्यक्ष सुखविंदर सिंह ने कहा कि पहले तो 55 वर्ष की उम्र का हवाला देकर कर्मचारियों को हटा दिया गया। पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने 18 सितंबर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों का कार्य के अनुरूप अनुबंध करने, वेतन 18000 निर्धारित करने, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लेने, घायल कर्मचारी का कैशलेस इलाज कराने सहित अन्य वादें किए थे। लेकिन इनमें किसी को भी पूरा नहीं किया गया। ईपीएफ घोटाला उजागर होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
प्रबंधन लखनऊ सहित अन्य जनपदों में वर्टिकल व्यवस्था लागू करने की जोड़तोड़ में जुटा है। इससे न केवल आउटसोर्स कर्मचारियों के ऊपर बुरा असर पड़ेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। इन मांगों पर अगर कार्रवाई नहीं होती है तो लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (संवाद)