अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में धरना देते संविदा बिजली कर्मचारी। -संवाद
सीतापुर। संविदा बिजली कर्मचारी छंटनी के विरोध में अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी बेमियादी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। छह मई को कर्मचारी लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ के बैनर तले कर्मचारी सुबह 10 से शाम पांच बजे तक प्रदर्शन कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष सुखविंदर सिंह ने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों से लेबर का अनुबंध कर लाइनमैन व उपकेंद्र परिचालन जैसे घातक व तकनीकी काम कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मानदेय के भुगतान में भी भेदभाव किया जा रहा है। सैनिक कल्याण निगम से तैनात कर्मचारियों से लगभग 30 हजार रुपये में अनुबंध जबकि संविदाकारों के माध्यम समान पदों पर तैनात कर्मचारियों से करीब 13 हजार रुपये में अनुबंध किया जा रहा है।
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा स्वयं के आदेश 15 मई 2017 का उल्लंघन कर ग्रामीण विद्युत उपकेंद्रों पर 20 कर्मचारियों के स्थान पर 12.5 कर्मचारियों व शहरी विद्युत उपकेंद्रों पर 36 कर्मचारियों के स्थान पर 18 कर्मचारियों को तैनात कर शेष कर्मचारियों कि छंटनी की जा रही है।
कहा कि स्वयं पर पड़ने वाले भार को नौ हजार रुपये वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर डालकर फेशियल अटेंडेंस लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। 55 वर्ष का हवाला देकर बकाये वेतन का भुगतान किए बिना काम से हटाया जा रहा है। बिजली की चपेट में आकर या खंभे से गिरकर घायल हुए कर्मचारियों का कैशलेस इलाज नहीं हो रहा है। जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान भगतराम, रामसजीवन, विनोद, संजय, रमेश व सुरेश आदि संविदाकर्मी मौजूद रहे।