घर पहुंचने पर सांसद का मुंह मीठा करातीं महिलाएं।
सीतापुर। कांग्रेस सांसद राकेश राठौर गिरफ्तारी के 48 वें दिन बुधवार को सुबह करीब 8 बजे जिला कारागार से रिहा हो गए। सांसद को बढ़ी हुई धाराओं में मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने जमानत दे दी थी। मंगलवार शाम 6 बजे रिहाई के कागज जेल में पहुंचने के कारण सांसद को बुधवार सुबह रिहा किया गया।
जेल से निकलने के बाद सांसद ने ईश्वर और कोर्ट को धन्यवाद दिया। उन्होंने ऐसे लोगों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने कठिन वक्त में उनके लिए दुआएं मांगीं। सांसद ने कहा- जो आरोप हम पर लगे हैं, उसके लिए कई लोगों ने कड़ी सजा की मांग की। यदि यह पाप मैंने किया है तो मैं ईश्वर से इससे भी कड़ी सजा की मांग करूंगा। जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने होगा। उन्होंने कहा कि समर्थकों के साथ बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय करूंगा।
17 जनवरी को लिखा गया था मुकदमा
सांसद राकेश राठौर पर 17 जनवरी को शहर कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। 30 जनवरी को सांसद को उनके लोहारबाग स्थित आवास से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस समय सांसद प्रेस वार्ता कर रहे थे। उसी दिन सांसद को जिला कारागार लाया गया था। इसके बाद एमपीएमएलए कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज किया था। उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो न्यायालय ने एक सप्ताह में समर्पण करने व विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए नियमित जमानत याचिका दायर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल खंडपीठ ने 11 मार्च को उनकी जमानत याचिका मंजूर की थी। हालांकि उस दिन शहर कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 बढ़ा दी थी। इस धारा के तहत 18 मार्च को सीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका पर बहस हुई, कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। मंगलवार शाम 6 बजे उनकी रिहाई का परवाना जिला कारागार पहुंचा। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को रिहाई के प्रपत्र जिला कारागार आए थे। जेल मैनुअल के अनुसार बुधवार सुबह सांसद को रिहा किया गया।