सीतापुर। रात में दिल्ली अब दूर नजर आ रही है... जी हां, सुनकर चौंकिए मत, यह सौ फीसदी सच है। अगर आपको रात में नौ बजे के बाद इमरजेंसी में दिल्ली जाना पड़ रहा है तो बस के सहारे मत रहिए, नहीं तो परेशानी झेलेंगे पर बस नहीं मिलेगी। बसों के बरकरार संकट के बीच रात में दिल्ली जाने के लिए डिपो पर बस की कोई सुविधा नहीं है। रात में पहुंचने वाले मुसाफिर घंटों तक भटकते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं। सोमवार की रात भी कई यात्रियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। घंटों तक इंतजार के बाद बसें नहीं मिलने वह घर लौट गए।
रोडवेज बस स्टॉप पर इन दिनों बसों का संकट लगातार बना हुआ है। पिछले एक माह से यह समस्या और बढ़ गई है, लेकिन इन दिनों बसों के चुनावी ड्यूटी में जाने से समस्या दिन पर दिन गहराती ही जा रही है। इसका खामियाजा मुसाफिरों को भुगतना पड़ रहा है। लंबी दूरी से लेकर लोकल रूटों पर चलने वाली बसों का इन दिनों बड़ा टोटा है। ऐसे में सुबह से शाम और रात तक यात्रियों को बसों के लिए भटकना पड़ रहा है। उनकी समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
इन सबके बीच सबसे बड़ी समस्या दिल्ली रूट पर जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है। रात नौ बजे के बाद सीतापुर डिपो से कोई बस दिल्ली के लिए नहीं है, इससे नौ के बाद बस स्टॉप पर पहुंचने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वह घंटों तक बस स्टॉप पर बसों के लिए इधर-उधर भटकते हैं। इंतजार करते हैं।
पूछताछ केंद्र से जानकारी जुटाते हैं और फिर मायूस होकर लौट जाते हैं। सोमवार की रात भी ऐसा ही परेशानियों से भरा नजारा बस स्टॉप पर देखना को मिला। कई यात्री अपने परिवार तो कोई अकेले पहुंचा था दिल्ली जाने के लिए, लेकिन रात के 10 बज चुके थे। ऐसे में बस नहीं मिल सकी। वह घंटों तक परेशान रहे।
घंटों इंतजार के बाद नहीं मिली बस, लौटे
बस स्टॉप पर सोमवार रात करीब 10 बजे चंद्रासूं मिश्रा, छवि मिश्रा दिल्ली जाने के लिए पहुंचे। काफी देर तक बस का इंतजार करने के बाद पूछताछ केंद्र पर पहुंचने पर बताया गया कि अब सीतापुर डिपो की कोई बस नहीं है। करीब दो घंटे तक इंतजार के बाद 12 बजे लखनऊ की ओर से आई पिंक बस में किसी तरह से दोनों लोग सवार होकर दिल्ली को रवाना हुए। शहर के तरीनपुर निवासी एक ही परिवार के तीन लोग रात करीब 11 बजे बस स्टॉप पर पहुंचे। एक घंटे तक बसों का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिल सकी।
इसके बाद पूरा परिवार लौट गया। परिवार के जगदीप ने बताया कि बहुत जरूरी काम से उनके घर के लोगों को दिल्ली जाना था, लेकिन बस नहीं मिल सकी। रवि ने बताया कि उनको लखीमपुर जाना है। पिछले दो घंटे से वह बस का इंतजार कर रहे है। अगर बस न मिली तो उन्हें किसी प्राइवेट वाहन से जाना पडे़गा। वेद प्रकाश ने बताया कि उनको बिसवां जाना है। बस खड़ी है पर वह बिसवां से आगे जाएगी। परिचालक बिसवां तक की सवारी को बिठा नहीं रहे हैं। शिवनरेश सिंह ने बताया कि वह काफी देर से हरदोई जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। दो घंटे से अधिक हो गया है।
बसों की किल्लत से निजी वाहनों की चांदी
चुनाव के समय जहां एक तरफ परिवहन विभाग में बसों की कमी से यात्री परेशान हो रहे हैं। वहीं प्राइवेट वाहन चालको की चांदी हो रही है। काफी देर बसें न मिलने के कारण लोग प्राइवेट वाहनों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में प्राइवेट बस और कार चालक भी मनमानी कर रहे हैं। यात्रियों से तो वह मन माने पैसे वसूल ही रहे हैं। बस स्टॉप के समीप ही अपने वाहनों में सवारियां भर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि बसें न होने के कारण उन्हें वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। भले ही कुछ रुपये ज्यादा पड़ रहे हों, लेकिन वह समय से घर तो पहुंच पा रहे हैं।
किसी भी रूट की नहीं थी बसें
बस स्टॉप पर रोज की तरह मंगलवार को भी बसें नदारद दिखीं। यात्री भारी संख्या में मौजूद थे। कोई दो घंटे से खड़ा था तो कोई चार घंटे से बसों का इंतजार कर रहा था। किसी भी रूट के यात्रियों को बसें उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। लोगों का कहना था कि लगातार बसों का संकट गहरा रहा है। जिम्मेदारों को इंतजाम करना चाहिए थे।
सीतापुर डिपो में रात में दिल्ली जाने के लिए बस की कोई सुविधा नहीं है। रात नौ बजे आखिरी बस जाती है। इसके बाद गैर डिपों की बसें आती हैं, उनसे जा सकते हैं। प्राइवेट वाहनों को सवारियां भरने का कोई अधिकार बस स्टॉप के बाहर से नहीं है। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, एआरएम