सीतापुर। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने का दावा करने वाली प्रतिष्ठित महिंद्रा कोचिंग ने विद्यार्थियों से पैसा जमा करवाकर सेंटर बंद कर दिया। दो माह बाद भी सेंटर शुरू नहीं हुआ तो विद्यार्थियों ने मंगलवार को एसपी अंकुर अग्रवाल से शिकायत की। एसपी ने सीओ सिटी अमन सिंह को जांच सौंप दी है।
पीड़ित दिवाकर सिंह, प्रशांत व विष्णु ने बताया कि महिंद्रा कोचिंग का सीतापुर में लोहारबाग में सेंटर संचालित होता था। कोचिंग के शाखा प्रबंधक ने सभी अभ्यर्थियों से 10 से 15 हजार रुपये फीस के नाम पर जमा करा लिए। जिस स्कीम के तहत पैसा जमा किया, उसमें अभ्यर्थियों को चयन तक पढ़ाने का दावा किया गया था। पीड़ितों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने की एक साथ फीस जमा करवा ली गई थी। चार जून को बिना बताए सेंटर बंद कर दिया गया। काफी अधिक समय बीतने के बाद जब सेंटर नहीं शुरू हुआ तो जिम्मेदारों से वार्ता की गई। इस पर पता चला कि न तो सेंटर शुरू होगा और न ही फीस वापस होगी।
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एक सप्ताह में शुरू कर देंगे क्लास
कंपनी ने फ्रेंचाइजी बेस्ड मॉडल पर हर्ष शुक्ला को सीतापुर में सेंटर चलाने की इजाजत दी थी। हर्ष शुक्ला और अभ्यर्थियों के बीच कुछ बात बिगड़ी। हालांकि अब कंपनी सीतापुर स्थित अपने स्किल ट्रेनिंग सेंटर पर एक सप्ताह बाद क्लास शुरू करेगी। यह काम कंपनी खुद करेगी। किसी को फ्रेंचाइजी नहीं दी जाएगी।
- आशीष श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी, महिंद्रा कोचिंग, लखनऊ हेड ऑफिस