फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: स्वच्छ जल मिला न परखी जा सकी गुणवत्ता

Fri, 21 Nov 2025 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
खुले में पड़ी टे​स्टिंग किट।
विज्ञापन
सकरन (सीतापुर)। जल जीवन मिशन के तहत बनवाई गईं पानी की टंकी महज शोपीस साबित हो रही है। ब्लॉक की 85 ग्राम पंचायतों में से एक में भी अब तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं कराई जा सकी है। पानी की गुणवत्ता परखने वाली टेस्टिंग किट रखरखाव के अभाव में खराब हो गई।
विज्ञापन

ब्लॉक परिसर में लाखों की लागत वाली टेस्टिंग किट धूल फांक रही है। इनसे अब तक एक बार भी पेयजल की गुणवत्ता नहीं परखी जा सकी है जबकि प्रत्येक ग्राम पंचायत से चयनित युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को काम भी दिया गया था। सकरन क्षेत्र में हर घर नल से जल योजना का बेहद बुरा हाल है। विकास खंड की 85 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये खर्च कर पानी की टंकियां बनवाई गईं।
पाइप लाइप बिछाई गई, लेकिन किसी भी ग्राम पंचायत में अब तक ग्रामीणों को एक बूंद पानी मयस्सर नहीं हो सका है। ग्रामीण स्वच्छ जल का अभी तक इंतजार ही कर रहे हैं। पानी की पाइप डालने के लिए ठेकेदारों ने रास्ते जरूर खोदवा कर डाल दिए। इसके अलावा यहां प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब 12-12 युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया था। इसके बाद हर ग्राम पंचायत में पेयजल की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जल जीवन मिशन में काम दिया गया।
विज्ञापन

इसके बाद भी आज तक ग्रामीणों को न तो स्वच्छ जल उपलब्ध हो पाया और न ही जल की गुणवत्ता की जानकारी दी जा सकी है। जल की गुणवत्ता परखने के लिए लाखों की लागत से आई टेस्टिंग किट ब्लॉक परिसर में खुले में पड़ी धूल खा रही हैं। सकरन के एडीओ पंचायत प्रेम प्रकाश चौधरी ने बताया कि काफी दिन पहले टेस्टिंग किट आई थीं। रख-रखाव के अभाव में खराब हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें