संदना। रसुलवा में किसान कमलकिशोर की बाघिन के हमले में मौत के 14 दिन बाद भी वन विभाग के हाथ कुछ नहीं लग सका है। मंगलवार रात सियारपुर गेंधरिया गांव के लोगों ने एक बार फिर बाघ जैसे जंगली जानवर के दिखाई देने का दावा किया। वन विभाग की टीम ने देर रात तक खेतों व आसपास के क्षेत्रों में कॉम्बिंग की, लेकिन ताजा पगचिह्न या अन्य साक्ष्य नहीं मिले।
इससे बाघ की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी। गेंधारिया निवासी करन ने बताया कि मंगलवार रात गांव के बाहर जंगली जानवर दिखाई दिया। उसे देखते ही शोर मचाया, जिसके बाद वह गन्ने के खेत में चला गया। दुधवा के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दीपक अपनी टीम के साथ क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं।
टाइगर ट्रैकर चेतन कुमार लगातार बाघिन की संभावित गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। रेंजर मिश्रिख सिकंदर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला।