रामपुर मथुरा। क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय शुकुलपुरवा का भवन करीब एक साल पहले सरयू व शारदा नदी के कटान में समा गया था। लंबा समय बीत जाने के बाद भी विद्यालय को अभी तक अपना नया भवन नहीं मिल सका है। अस्थाई तौर विद्यालय की कक्षाएं तटबंध के किनारे टिनशेड में संचालित हो रही हैं। इससे नौनिहालों व शिक्षकों को तमाम दुश्वारियां झेलना पड़ रही हैं।
पिछले साल आई बाढ़ में विद्यालय का भवन बह गया था। इसके बाद विद्यालय में पंजीकृत करीब 100 से अधिक बच्चों की पढ़ाई तटबंध के बाहर आंगनबाड़ी केंद्र के पास अस्थायी रूप से बनाए गए टिनशेड में कराई जा रही है। बरसात और बाढ़ के दौरान हर साल बच्चों को इसी अस्थायी व्यवस्था में पढ़ना पड़ता है। सरयू नदी में पानी बढ़ने के बाद जुलाई-अगस्त से लेकर अक्तूबर तक विद्यालय की कक्षाएं अस्थायी टिशेड में संचालित की जाती हैं। हालांकि टिनशेड में पढ़ाई के दौरान बच्चों और शिक्षकों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है।
खंड शिक्षा अधिकारी उदय मणि पटेल ने बताया कि विद्यालय भवन सरयू नदी की कटान की चपेट में आकर कट चुका है। पढ़ाई फिलहाल तटबंध के बाहर आंगनबाड़ी केंद्र के पास टिनशेड में कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि नवीन विद्यालय भवन के निर्माण के लिए बजट मिलने के बाद स्थायी व्यवस्था की जाएगी। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला है।