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Sitapur News: जिंदगी का पहला रोजा रख बच्चे दिखे उत्साहित

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अरीशा नाज। - फोटो : अरीशा नाज।
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खैराबाद (सीतापुर)। रमजान माह के पहले रोजे पर बृहस्पतिवार को बुजुर्ग और नौजवानों के साथ बच्चों में भी खासा उत्साह नजर आया। बड़े-बुजुर्गों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। नगर की अरीबा नाज, अरीशा नाज, मो. बिलाल, मंतशा, अबू असर, मो. अली सहित कई बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने जिंदगी का पहला रोजा रखा। ये काफी उत्साहित नजर आए।
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अरीबा का कहना है कि परिवार के बड़े-बुजुर्गों को रोजा रखते और तिलावत करते देखती थी तो उसके मन में भी रोजा रखने की इच्छा रहती थी। अब ऐसा मौका आया तो रोजे रखने की ठान ली। बृहस्पतिवार सुबह परिवार के सभी लोगों के साथ उठकर सहरी की और रोजा रखा। इसके बाद नमाज पढ़कर कुरान की तिलावत भी की और अमन चैन की दुआ मांगी। इसी तरह अन्य बच्चों ने बताया कि पहली बार रोजा रखकर बहुत अच्छा लगा। सुबह सहरी के बाद दिन भर रोजा रखकर खुदा की इबादत करना काफी अच्छा लग रहा है। शाम को इफ्तार के वक्त बच्चों के चेहरे पर खुशी की झलक नजर आई। बच्चों ने बताया कि आगे भी रोजा रखूंगा और अल्लाह से अपने मुल्क हिंदुस्तान के अमन-चैन, शांति और भाई-चारे के लिए दुआ करूंगा। बच्चों के मुताबिक घर के बड़ों के साथ नमाज पढ़कर कुरान की तिलावत भी करते हैं।


गुनाहों की माफी का संदेश देता माह-ए-रमजान
माह-ए-रमजान मुसलमानों के लिए पवित्र महीना होता है। पहला रोजा बृहस्पतिवार की सुबह सहरी खाने से शुरू हुआ। अकीदतमंदों ने शाम की 6:04 बजे रोजा खोला। मुफ्ती मोहम्मद आफताब आलम नदवी ने बताया कि पवित्र रमजान महीना गुनाहों की माफी व नेक दिल इंसान बनाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिम पवित्र रमजान पर रोजा रहें, गरीबों को रोजा अफ्तार कराएं। यह पवित्र रमजान का महीना हमें गुनाहों से दूर रखता है। इसके साथ में हमारी सेहत को दूरस्थ करता है। सभी लोग नमाज की पांबदी करें, गरीबों के लिए सक्षम लोग जकात निकालें।
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