जिले के चार हजार से अधिक परिषदीय विद्यालयों में पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। हैडपंपों के आस-पास कूड़ा-करकट व कीचड़ भरा रहता है। जिससे हैडपंप तक पहुंचने के लिए बच्चों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
पिसावां इलाके के प्राथमिक विद्यालय पथरी में लगा हैडपंप दो वर्ष से खराब पड़ा है। इसी प्रकार मूडाखुर्द में हैडपंप के आसपास कीचड़ होने से पानी दूषित हो चुका है। खैराबाद के मुलायमपुर विद्यालय में एक सैकड़ा से अधिक नौनिहाल एक ही हैडपंप पर ही निर्भर हैं।
कसमंडा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय गौरा में पिछले दो वर्ष से कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन अभी तक यहां पर हैडपंप नहीं लगाया जा सका है। ऐसे ही हालात जिले के अन्य सैकड़ों विद्यालयों के है। जहां पर स्वच्छ पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। शिक्षकों ने हैंडपंप दुरुस्त कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से कई बार शिकायत की, लेकिन जिम्मेदारों ने इनको दरुस्त कराना मुनासिब नहीं समझा।