प्रदेश सरकार ने जिले को पांच और एंबुुलेंस मुहैया कराई है। जिले के नागरिक एंबुलेंस सेवा की सराहना किए बगैर नहीं थकते। जबसे एंबुलेंस की सेवा का शुभारंभ हुआ है, तबसे इस जिले में घटनास्थल पर दम तोड़ने वालों का आंकड़ा काफी कम हुआ है।
गत् 11 सितंबर 2012 को प्रदेश सरकार ने इस जिले को 108 नंबर सेवा की 21 एंबुलेंस दी थीं। जिन्हें जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया। इन एंबुलेंसों में एक एंबुलेंस हादसे में क्षतिग्रस्त हो गई। जिसकी वजह से अब इस जिले में 20 एंबुलेंस ही संचालित हो रही हैं।
इस जिले में प्रतिदिन औसतन 140 लोगों को ये एंबुलेंस विभिन्न स्थानों से उठाकर अस्पताल पहुंचा रही हैं। जब से इन एंबुलेंसों का संचालन हुआ है, तब से अब तक डेढ लाख से अधिक घायलों व मरीजों को इन एंबुलेंसों ने जिला अस्पताल व क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया है।
अब प्रदेश सरकार ने इस जिले को 5 और 108 नंबर की एंबुलेंस भेजी हैं। इसे लोग एक सकारात्मक मददगार कदम बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले कोई दुर्घटना होने पर लोग प्राइवेट वाहन टेंपो, टैक्सी, ठेलिया आदि का इंतजार ही किया करते थे।
बहुत बार ऐसा भी हुआ कि लोग इंतजार करते ही रहे और घायल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अब इन एंबुलेंसों के आने से ऐसी घटनाओं की संख्या बेहद कम हो गई है। घायल को बहुत ही कम समय में अस्पताल ले जाने का साधन मिल जाता है। जिससे उसका इलाज भी जल्द शुरू हो जाता है।