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बचपन को जकड़ रहीं बीमारियां

Thu, 07 Jan 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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जिले के बच्चे तरह-तरह की बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। ये चौंकाने वाला खुलासा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुआ है।
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कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों का जब स्वास्थ्य जांचा गया, तो करीब 50 हजार से अधिक ऐसे बच्चे निकले, जो विभिन्न रोगों से ग्रसित थे। इन बच्चों का इलाज निकट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कराया गया है।

बचपन स्वस्थ रहे, उन्हें कोई रोग न घेरने पाए, इसको लेकर सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया और बच्चों का स्वास्थ्य जांचने के आदेश दिए। कार्यक्रम के तहत 2 वर्ष से 9 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परखा जाना था।
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इस कार्यक्रम के तहत इस जिले में 38 टीमें बनाई गईं। टीमों ने जिले के 3015 प्राथमिक विद्यालय व 1152 उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर साल भर में करीब 6,28,060 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

इस दौरान नवंबर तक करीब 50,414 ऐसे बच्चे मिले जो विभिन्न रोगों से ग्रसित थे। इन्हें बुखार, खांसी, जुकाम समेत अन्य बीमारियां भी थीं। चिह्नित बच्चों में 7,111 बच्चे ऐसे थे जिनका इलाज अस्पताल में ही संभव था। इसलिए जांच के बाद उन्हें निकट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।

जबकि 43,303 बच्चे ऐसे थे जो मामूली बीमारियों की चपेट में थे, उनका मौके पर गई स्वास्थ्य टीमों ने इलाज किया। 45 लाख की आबादी वाले इस जिले में 50 हजार से अधिक बच्चों के बीमारी के चपेट में आने वाले आंकड़े चिंता का विषय हैं।

ये ऐसे आंकड़े हैं जो पढ़ने वाले बच्चों की ही जांच पर आधारित हैं। जानकारों की माने तो यदि घर-घर पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए, तो इसकी संख्या में इजाफा हो सकता है। बहरहाल ये आंकडे़ चौंकाने वाले हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहने की जरूरत भी है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के  तहत जिले भर में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 50 हजार से अधिक संख्या में बच्चे चिह्नित किए गए। 7111 बच्चों को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।
डॉ. राजेंद्र, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
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