कॉलेजों के शिक्षकों की अब लेटलतीफी नहीं चलेगी। साथ ही स्कूल में होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। स्कूलों में बायोमैट्रिक मशीन लगेगी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। जिसके जरिए स्कूल के शिक्षकों की हाजिरी की मॉनीटरिंग होगी। यह व्यवस्था कॉलेजों को स्वयं अपने संसाधन से करनी होगी। इसको लेकर शासन ने निर्देश जारी किए हैं।
कॉलेजों में लगातार शिक्षकों की लेटलतीफी व गैरहाजिर रहने की शिकायतों को देखते हुए नई सरकार ने इस पर लगाम लगाने की कवायद शुरू कर दी है। इसको लेकर इंटर कॉलेजों में बायोमैट्रिक मशीन लगाई जाएगी। इस मशीन के जरिए रोजाना शिक्षकों की मॉनीटरिंग होगी।
जब शिक्षक स्कूल पहुंचेंगे तो वह फिंगर प्रिंट से उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसी प्रकार घर जाते समय मशीन पर टच करेंगे, तभी उनकी हाजिरी मानी जाएगी। इसके अलावा कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
इन कैमरों के जरिए स्कूलों के विद्यार्थियों व शिक्षकों पर पैनी नजर रखी जाएगी। यह व्यवस्था राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्तविहीन कॉलेजों पर लागू होगी। राजकीय कॉलेजों में आकस्मिक व्यय मद व ब्याज फंड से व्यवस्था करनी होगी।
इसी प्रकार अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कॉलेजों में विकास मद से लगाए जाएंगे। वित्तविहीन कॉलेजों में विद्यालय प्रबंध समिति अपने निजी स्रोतों से व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। डीआईओएस ने 15 दिन के अंदर दोनों व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था से जिले के 377 कॉलेजों में शिक्षकों की लेटलतीफी दूर होगी। साथ ही पढ़ाई का माहौल भी बन सकेगा।