जनपद में वर्ष 2004 में हुए राशन घोटाले की जांच की आंच अब बेसिक शिक्षा विभाग तक पहुंच गई है। घोटाले की जांच पड़ताल में जुटी सीबीआई ने वर्ष 2004 से 2006 में स्कूलों को आवंटित राशन का ब्यौरा मांगा है। हालांकि यह जानकारी केवल रेउसा, बिसवां व मिश्रिख विकासखंड से मांगी गई है। बीएसए ने तीनों बीईओ को जल्द जानकारी मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि जनपद में वर्ष 2004 में राशन घोटाला हुआ था। इस घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। अब तक कई बार सीबीआई पूर्ति विभाग व कोटेदारों से पूछताछ कर चुकी है। अब जांच की सुई बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ घूम गई है।
कारण यह है कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत स्कूलों में भोजन बनवाया जाता है, जिसमें राशन केंद्र सरकार की तरफ से मिलता है। इस राशन का वितरण कोटेदारों के माध्यम से होता है। कोटेदारों से पूछताछ के बाद सीबीआई ने रेउसा, मिश्रिख व बिसवां विकासखंड के स्कूलों को दिए गए राशन की जानकारी मांगी है।
यह जानकारी वित्तीय वर्ष 2004-05 व 2005-06 की है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई पहले ही इन ब्लॉकों से स्कूलों को आवंटित राशन की जानकारी प्राप्त कर चुकी है। अब बेसिक शिक्षा विभाग से इसलिए जानकारी मांगी जा रही है, ताकि पता चल सके कि शासन की तरफ से कितना राशन मिला है। फिर उसके बाद कितना वितरण हुआ और कितने अनाज का घोटाला किया गया है।