सीतापुर। ब्लॉक रामपुर मथुरा के तुलसीपुर बंजर गांव में अधिकारियों को कागजों पर बने 98 शौचालय ढूढे़ ही नहीं मिले। वहां छह मृतकों, 18 ग्राम पंचायत के बाहर रहने वाले लोगों, एक ही परिवार के 10 सदस्यों को शौचालय का लाभ दिया गया है। डस्टबिन के लिए एक लाख रुपये निकाले गए लेकिन ग्राम पंचायत में कहीं एक भी डस्टबिन नजर नहीं आई। तालाब में पानी भरवाने के लिए 20 हजार व स्कूल की मरम्मत के लिए 20 हजार की धनराशि निकाली गई, लेकिन कोई कार्य नहीं कराया गया। बीडीओ ने एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी व प्रधान पर केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को चौपाल के दौरान सेवता विधायक ज्ञान तिवारी के सामने ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार की शिकायतों का अंबार लगा दिया। लिहाजा, विधायक ने बीडीओ से पड़ताल कराई तो प्रारंभिक जांच में सरकारी धन के बंदरबांट का यह मामला सामने आया। खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार को दोषी एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी व प्रधान पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। विधायक ने कहा, केंद्र व प्रदेश सरकार गांवों के विकास को लेकर पर्याप्त बजट उपलब्ध करा रही हैं फिर भी योजनाएं व विकास कार्यक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया अगर कोई बीमार है, उसके पास आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का दस्तावेज नहीं है तो उसे ग्राम प्रधान की निधि से एक हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान करने का आदेश दिया गया है। वहीं, किसी गरीब की मृत्यु होने पर उसके दाह संस्कार के लिए जिलाधिकारी तत्काल पांच हजार रुपये की व्यवस्था करेंगे।
विधायक ने बताया कि तहसील दिवस पर भूमि विवाद से जुड़े मामले सबसे ज्यादा आते हैं।
पुलिस के आंकड़ों में भी भूमि विवाद से संबधित मामले बहुत ज्यादा दर्ज होते हैं। 15 दिसंबर से शुरू हुए वरासत अभियान से जहां तहसील कर्मियों की मनमानी पर रोक लगेगी, वहीं भूमि विवादों पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी। वहीं, रामपुर मथुरा ब्लॉक परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर लल्ला मिश्रा, लक्ष्मी मौर्या सहित ब्लॉक व तहसील के अधिकारी कर्मचारी व ग्रामीण मौजूद रहे ।