सीतापुर। जिला अस्पताल में इस समय कैल्शियम की टेबलेट का संकट खड़ा हो गया है। कई दिनों से यह दवा अस्पताल के स्टॉक में नहीं है। इसकी वजह से यहां पर आने वाले मरीज बाहर से महंगे दामों पर दवा खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। उनको सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। दवा खरीदने के लिए अधिक जेब खर्च ढीली करनी पड़ रही है। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को निशुल्क चिकित्सीय परामर्श के साथ ही दवा उपलब्ध कराई जाती है। इस समय मरीजों को अस्पताल से दवा मिलना ही मुश्किल हो रही है।
कारण, अस्पताल में चार दिन से कैल्शियम की गोली समाप्त हो गई है। यह गोली अधिकतर मरीजों को दी जाती है। चिकित्सक मरीजों को पर्चे पर कैल्शियम की गोली लिख देते है जब वह दवा काउंटर पर जाते है तो उन्हें मायूसी हाथ लगती है। इससे मजबूरी में मरीज बाहर के मेडिकल स्टोरों से दवा ले रहे हैं। मरीजों का कहना है अस्पताल में यह दवा निशुल्क मिलती है। बाजार से खरीदने पर करीब 50 रुपये खर्च हो जाते हैं। इसकी वजह से बहुत दिक्कतें आ रही है। जिला अस्पताल के स्टोर इंचार्ज डॉ. जेपी गौड का कहना है, इस समय दवा का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। उम्मीद है जल्द ही दवा आ जाएगी।
इनको दी जाती है कैल्शियम
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जेएन सिंह का कहना है कैल्शियम की जरूरत लगभग सभी मरीजों को पड़ती है। अगर शरीर में कैल्शियम नहीं होगा तो शरीर में तमाम तरह के रोग उत्पन्न हो जाएंगे। हड्डी रोग के मामलों में अधिकतर कैल्शियम की जरूरत होती है। हड्डी टूटने के बाद जुड़ने में कैल्शियम का अहम भूमिका होती है। गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम दी जाती है। छोटे बच्चों को अगर दांत निकलने में दिक्कत होती है तो कैल्शियम दी जाती है। इसलिए इस गोली बहुत ही कारगार है।
मरीज बोले - बाहर से खरीद रहे महंगी दवा
मरीज राजेश का कहना है कि परसदा से चलकर सुबह ही आ गया था। लेकिन जिला अस्पताल में दवा नहीं मिल रही है। इससे मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। मोनिस का कहना है कि कई बार जिला अस्पताल आ चुका हूं। यहां की व्यवस्था बिगड़ चुकी है। दवाओं का संकट बना हुआ है। इसरार का कहना है कि हाथ में काफी दिक्कत है। इससे हाथ चलाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन यहां पर कैल्शियम की गोली ही नहीं है। बाजार में यह गोली महंगे दामों पर बिक रही है।