जिला अस्पताल में तैनात हृदय रोग विशेषज्ञ ने खुद को अपने सरकारी आवास के कमरे में बंद कर लिया। दो दिन तक पता न चलने पर मौके पर पहुंचे सीएमएस ने कर्मचारियों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ उन्हें किसी तरह बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि मानसिक अवसाद के कारण डॉक्टर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था।
जिला अस्पताल में तैनात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मिश्रा जिला अस्पताल परिसर में ही बने सरकारी आवास में रहते हैं। मंगलवार से उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस दौरान मरीज पहुंचे लेकिन चिकित्सक नहीं मिले।
सीएमएस ने जब पता लगाया कि डॉक्टर आखिर हैं कहां हैं। इस पर कर्मचारियों ने सीएमएस को बताया कि डॉ. अनुपम मिश्रा अपने कमरे से बाहर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर रखा है।
इस पर सीएमएस डॉ. एके गौतम अस्पताल के अन्य स्टाफ के साथ जिला अस्पताल स्थित सरकारी आवास पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. अनुपम को कई आवाजें दी गईं, लेकिन कमरे से कोई आवाज नहीं आई।
मोबाइल पर कॉल भी की गई, लेकिन डॉक्टर ने कॉल रिसीव नहीं की। यह देख अस्पताल के कर्मचारियों ने दरवाजे तोड़ दिया। सीएमएस व कर्मचारी कमरे में पहुंचे तो अंदर का नजारा देख सभी हैरान रह गए।
डॉक्टर कुर्सी पर बैठे थे। वह कुछ भी बोल नहीं रहे थे। इस दौरान साथी डॉक्टरों ने काफी कुछ पूछा, लेकिन डॉ. अनुपम कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। हालांकि कुछ साथी डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. अनुपम बनारस के रहने वाले हैं।
वे घर जाना चाहते हैं, लेकिन काम का काफी बोझ रहने से वह इन दिनों काफी परेशान रहते थे। जिसके चलते वे मानसिक अवसाद का शिकार हो गए और उन्होंने खुद को कमरे ही बंद कर लिया।