सीतापुर। जिले में बिना हेलमेट के पंपों पर पेट्रोल दिए जाने के यह चंद केस एक बानगी भर हैं। शासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पंपों पर धड़ल्ले से बिना हेलमेट के पेट्रोल दिया जा रहा है। एक महीने में ही हेलमेट के बगैर पेट्रोल न दिए जाने का आदेश यहां फ्लॉप हो गया। इस आदेश पालन कराने में अफसर नाकाब साबित हो रहे हैं।
यातायात नियमों के तहत बाइक सवार को हेलमेट लगाना अनिवार्य है। एक सर्वे के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे अधिक बाइक सवार ही जान गंवाते हैं, और उनमें बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों की संख्या ज्यादा है। हेलमेट के बगैर बाइक चलाने पर जुर्माने का प्रावधान भी है।
इसके बाद भी लोग हेलमेट का प्रयोग नहीं करते हैं। शासन की ओर से हेलमेट के उपयोग की आवश्यकता देखते हुए यह आदेश जारी किया गया था कि पंपो पर बिना हेलमेट के बाइक सवारों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने 26 जून को इस आदेश का हवाला देते हुए सभी पेट्रोल पंपो को पत्र जारी करते हुए बगैर हेलमेट वाले बाइक सवारों को पेट्रोल न दिए जाने के निर्देश जारी किए थे। इस आदेश का जिले में कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
खाकी वर्दीधारी ही उड़ा रहे मखौल
शहर के मुख्य चौराहा लालबाग पर स्थित पेट्रोप पंप पर शनिवार दोपहर एक वर्दीधारी बगैर हेलमेट के अपनी बाइक में पेट्रोल डलवा रहा था। सेल्समैन से जब बिना हेलमेट के पेट्रोल न देने संबंधी आदेश का जिक्र किया तो वह बोला कि हम क्या करें, जिसे मना करो वह मारपीट पर आमादा हो जाता है।
बिना रोक-टोक दिया जा रहा पेट्रोल
शहर के ट्रांसपोर्ट चौराहे पर स्थित पेट्रोल पंप पर कई बाइक सवार पेट्रोल लेने के लिए अपनी बारी के इंतजार में खड़े थे। इनमें तमाम बाइक सवार बिना हेलमेट के थे। सेल्समैन बगैर किसी सवाल के बिना हेलमेट वाले बाइक सवारों को भी पेट्रोल दे रहा था।
मना करने पर झगड़ने लगते लोग
शहर में मालगोदाम के सामने स्थित एक पेट्रोल पर बिना हेलमेट बाइक से आने वालों को पेट्रोल दिया जा रहा था। पूछने पर सेल्समैन ने बताया कि आदेश तो है कि बिना हेलमेट के पेट्राल न दिया जाए। मना करने पर लोग झगडने लगते हैं। हम किस-किस से झगड़ा करें।