फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पारिवारिक लाभ की रकम हड़प गये दलाल

विज्ञापन
विज्ञापन
सीतापुर। समाज कल्याण विभाग की जनकल्याणकारी योजनाएं कथित दलालों के चंगुल में हैं। इससे गरीबों का आर्थिक शोषण हो रहा है। पात्र योजना का लाभ पाने के लिए भटकते हैं और अपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। पारिवारिक लाभ योजना के लगभग दो सौ लाभार्थी पात्र होने के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण लाभ नहीं पा सके हैं।
विज्ञापन

जिले का समाज कल्याण विभाग बीते कई वर्षों से सुर्खियों में हैं। करोड़ों रुपये के पेंशन घोटाले में विजिलेंस की ओर से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल है। पूर्व में पारिवारिक लाभ योजनाओं में ऐसे लोगों को लाभ दिया गया जिनका कोई पता नहीं है। साथ ही कई वर्ष पहले के तमाम मृतकों को लाभ दिया गया। तीन अफसरों की जांच में इसका खुलासा हुआ था। मगर मामले की पत्रावली को दबा दिया गया।
विभाग के एक सुपरवाइजर की देखरेख में फर्जी दफ्तर का संचालन कोतवाली के सामने हो रहा था। जहां अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने छापा डालकर बड़ी संख्या विभागीय अभिलेख बरामद कर संचालक को गिरफ्तार किया था। छात्रवृत्ति की धनराशि के फर्जी आहरण में हरगांव थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी, साथ ही शहर कोतवाली में केस दर्ज है। इसके बाद भी विभाग की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

लॉकडाउन के दौरान पारिवारिक लाभ व शादी अनुदान योजना में लाभार्थियों से कथित दलालों ने विभाग की संलिप्तता से वसूली की। अपात्रों को लाभ पहुंचाया गया। अन्य विभाग से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। लगभग दो सौ पात्रों को लाभ देने के लिए पारिवारिक लाभ योजना की सूची विभाग ने तैयार की। इसके बाद पात्रों को लाभ नहीं दिया गया।
इस सूची के कुछ लाभार्थियों से भी वसूली हो चुकी है। योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी भटक रहे हैं। विभाग में गड़बड़ी के कारण बाबुओं के पटल कुछ समय पूर्व ही बदले गए हैं। ये भी अपने कार्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। तीन पटल सहायकों को चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद सुधार नहीं हो रहा है। इससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पारिवारिक लाभ योजना के लगभग दो सौ पात्रों को लाभ न मिल पाने का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में पटल सहायक से जवाब तलब किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें