रेउसा ब्लॉक प्रमुख सीमा भार्गव के खिलाफ मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। इसी के साथ ही उनकी कुर्सी भी छिन गई। ब्लॉक सभागार में 141 बीडीसी सदस्यों में से 125 सदस्य मतदान करने पहुंचे।
विपक्ष को 123 मत मिले, जबकि ब्लॉक प्रमुख सीमा भार्गव को सिर्फ एक वोट से संतोष करना पड़ा। एक मत अवैध करार दिया गया। एसडीएम बिसवां दीपेन्द्र यादव ने अविश्वास प्रस्ताव पास होने का ऐलान किया तो भाजपाई झूम उठे।
पांच अगस्त को थौरा की बीडीसी कमला देवी की अगुवाई में 92 सदस्यों ने रेउसा ब्लॉक प्रमुख सीमा भार्गव के खिलाफ अविश्वास जताकर डीएम सारिका मोहन को शपथ पत्र सौंपे थे। डीएम ने जांच के बाद 29 अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी।
मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर सुबह से ही गहमा-गहमी नजर आने लगी। कमला देवी के साथ क्षेत्रीय विधायक ज्ञान तिवारी की पत्नी अंजू तिवारी बैठक में पहुंची। यहां 141 बीडीसी सदस्यों में से 125 सदस्य बैठक में पहुंचे।
एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव ने कोरम पूरा होने पर बैठक के बाद मतदान कराया। फिर मतगणना के बाद नतीजा घोषित किया गया। ब्लॉक प्रमुख सीमा भार्गव को एक मत मिला, जबकि विपक्ष ने 123 मत हासिल किए। एक मत अवैध रहा। एसडीएम के चुनाव परिणाम घोषित करते ही भाजपा समर्थकों के चेहरे खिल उठे।