सीतापुर। अटरिया कस्बा निवासी इशरत अली के मकान में रामपुर कलां के पलिया गांव निवासी उमेश शुक्ला (30) का बृहस्पतिवार को मफलर के फंदे के सहारे शव लटकता मिला। उमेश के चचेरे भाई दिनेश शुक्ला ने एसआईआर काम के तनाव के कारण उमेश के खुदकुशी कर लेने का आरोप लगाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
पलिया निवासी उमेश का वर्ष 2013 में अनुदेशक के पद पर चयन हुआ था। वह अटरिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दरियापुर में तैनात थे। वह कस्बे में किराये के कमरे में रहकर ड्यूटी करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार वह बृहस्पतिवार शाम तक कमरे से बाहर नहीं आए। इस पर शाम करीब साढ़े छह बजे लोगों ने उन्हें आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर अनहोनी की आशंका में लोगों ने पुलिस व उमेश के परिजनों को सूचना दी।
पुलिस पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। मकान मालिक इशरत अली परिवार सहित रिश्तेदारी में गए थे। ऐसे में पुलिस ने उमेश के कमरे का लोहे का दरवाजा मशीन से कटवाया। पुलिस व परिजनों को उमेश का शव कमरे में मफलर के फंदे के सहारे लटकता मिला। चचेरे भाई दिनेश शुक्ला ने बताया कि कमरे में शव के साथ एसआईआर से जुड़े कागज बिखरे पड़े थे। काम पूरा नहीं हुआ था। काम पूरा न होने के कारण उमेश तनाव में थे। परिजनों के अनुसार इसी तनाव के कारण उमेश ने खुदकुशी की है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विधिक कार्रवाई की जा रही है।