जिले में भाजपा ने इतिहास दोहराते हुए केसरिया दुर्ग की आन-बान व शान कायम रखी। एक बार फिर भगवा मय हुए सीतापुर ने साबित कर दिया कि अब तक मोदी मैजिक बरकरार है। पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए भाजपा ने फिर नई इबारत दर्ज की है।
जिले की चारों सीटों पर भाजपा ने इस बार भी विजय पताका फहरा दी है। कांग्रेस इस चुनाव में किसी भी सीट पर मुकाबले में नजर नहीं आई। सपा-बसपा गठबंधन के सारे समीकरणों की न सिर्फ हवा निकल गई बल्कि अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में कमल खूब खिला।
मोदी लहर पर सवार होकर 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां की सीतापुर, धौरहरा, मिश्रिख व मोहनलालगंज संसदीय सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया था। पिछली बार करीब 15 वर्षों का वनवास भाजपा ने खत्म किया था।
इस बार सपा-बसपा गठबंधन की वजह से सियासी पुरोधा भाजपा की राह मुश्किल होने की बात कह रहे थे। सपा और बसपा के मतदाताओं का जोड़ 2014 चुनाव में भाजपा को मिले मतों से अधिक होना इसका आधार बताया जा रहा था।
गुरुवार को मतगणना शुरू हुई तो चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गठबंधन प्रत्याशियों से बढ़त बनानी शुरू कर दी। रांउड दर रांउड भाजपा की बढ़त कायम रही। भाजपा प्रत्याशियों की बढ़त अंतिम चरण की मतगणना के बाद जीत में बदल गई।
सीतापुर संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी राजेश वर्मा ने गठबंधन के नकुल दुबे को 99842 मतों के अंतर से शिकस्त देकर कुर्सी पर कब्जा बरकरार रखा। राजेश को 508654 वोट मिले। नकुल दुबे को 408812 तथा कांग्रेस की कैसरजहां को 95694 मत प्राप्त हुए।
मिश्रिख सीट पर भाजपा के अशोक रावत ने 1 लाख 452 मतों से जीत दर्ज की है। यहां अशोक को 533562, गठबंधन की नीलू सत्यार्थी को 433110 और कांग्रेस प्रत्याशी मंजरी राही को 26446 मत मिले हैं। मोहनलालगंज सीट पर भाजपा 90229 मतों से विजयी रही।
यहां भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर 629748 मत हासिल कर कुर्सी पर काबिज रहे। गठबंधन के सीएल वर्मा को 539519 व कांग्रेस के आरके चौधरी को 60061 मत हासिल हुए। धौरहरा सीट पर भाजपा ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
रेखा वर्मा ने 511585 मत प्राप्त करते हुए 159796 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। गठबंधन प्रत्याशी अरशद इलियास सिद्दकी को 351789 और कांग्रेस प्रत्याशी जितिन प्रसाद को 162016 मत मिले हैं।