कुतुबनगर(सीतापुर)। पिसावां के गड़ासा गांव में शनिवार दोपहर खंभों से बिजली के केबल उतारने को लेकर विवाद हो गया। महोली से भाजपा विधायक शशांक त्रिवेदी व सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता श्रेय लेने के चक्कर में आपस में भिड़ गए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर अपने पक्ष के लोगों के घरों में मोटा केबल बिछाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। दोनों नेताओं के साथ समर्थकों में भी तू-तू मैं-मैं होने लगी। इससे पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। एसडीएम मिश्रिख व तीन थानों की पुलिस व बिजली विभाग के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह विवाद शांत कराया। करीब चार घंटे तक गांव में हंगामा चलता रहा। गांव की आबादी करीब एक हजार है। लोग भी घरों से निकलकर दो खेमों में बंटे नजर आए।
गड़ासा गांव में करीब डेढ़ माह से बिजली नहीं आ रही थी। दो दिन पहले गुस्साए ग्रामीणों ने पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के नेतृत्व में देवगवां पावर हाउस पर प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने गांव में बिजली के खंभों पर केबल चढ़ाया था, लेकिन शनिवार सुबह उस केबल को उतारा जाने लगा। ग्रामीणों ने कहा कि पूरे गांव में 95 एमएम का केबल बिछाइए। इस पर बिजली कर्मचारियों ने कहा कि गांव के कुछ हिस्से में 55 एमएम का केबल बिछाया जाएगा। यहीं से विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों ने कहा पूरे गांव में एक जैसा केबल बिछेगा। एक पक्ष के लोगों ने महोली विधायक शशांक त्रिवेदी को पूरी बात बताकर गांव बुलवा लिया।
दूसरे पक्ष के लोगों ने पूर्व विधायक अनूप गुप्ता को बुलाया। दोनों पक्ष अलग-अलग जमा हो गए। हंगामा होने लगा। इसकी सूचना मिलने पर मिश्रिख एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा, पिसावां, मिश्रिख व महोली थाना क्षेत्र की पुलिस गांव पहुंची। कुछ ही देर में पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। अधिशासी अभियंता शैलेंद्र राजपूत भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि करंट पूरे गांव में बराबर ही आता है। इसके बाद अफसरों ने दोनों जनप्रतिनिधियों को समझाकर किसी तरह पूरा मामला शांत कराया। करीब चार घंटे तक गांव में बवाल चलता रहा।
एसडीएम ने कहा लगवा दूंगा रासुका
भाजपा की शासन सत्ता है तो वह प्रशासन पर दबाव बनाते हैं। विधायक अपने पक्ष के लोगों के वहां पर मोटा केबल बिछवा रहे थे। दूसरे पक्ष के लोगों के यहां पर पतला केबल बिछेगा तो करंट कम आएगा। एसडीएम धमका रहे थे। वह बोले कि आपके ऊपर रासुका लगवा दूंगा। पूरे गांव में एक जैसा केबल बिछना चाहिए, जिससे सभी लोगों को समान रूप से बिजली आपूर्ति मिले।
अनूप गुप्ता, पूर्व विधायक, महोली
पूर्व विधायक कर रहे थे राजनीति
ग्रामीणों की शिकायत पर तार बदलवाए गए थे। मैंने कहा कि जिस रोड पर अस्पताल, दलित वर्ग के लोग, पंचायत भवन व आयुर्वेदिक अस्पताल हैं, वहां पर बेहतर आपूर्ति हो। पूरे गांव में एक समान बिजली आनी चाहिए। किसी से कोई भेदभाव न हो लेकिन पूर्व विधायक गांव में जातिगत विरोध उत्पन्न करके राजनीति कर रहे थे। हमने बिजली विभाग के अधिकारी को बुलाकर कहा कि सही ढंग से केबल लगाएं। सबको समान बिजली आपूर्ति मिले। केबल दगे नहीं। पूर्व विधायक को समझाने का प्रयास भी किया। हम इसी वजह से टिन शेड के नीचे रामनाथ राठौर के मकान में बैठे रहे। पूर्व विधायक तो एक पैसे वाले व्यक्ति के घर में जाकर बैठे रहे। हम, बस इतना चाहते थे जनहित के काम में कोई बाधा न आए। सही ढंग से काम हो।
शशांक त्रिवेदी, विधायक महोली
पूर्व विधायक ग्रामीणों को भड़क रहे थे: एसडीएम
रासुका लगाने जैसी कोई बात नहीं है। मैंने पूर्व विधायक से कहा था कि गुंडई नहीं चलेगी। गुंडई वाली सरकारें चली गई हैं। पूर्व विधायक ग्रामीणों को भड़का रहे थे। दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांत करवाकर तार बिछाए जा रहे हैं।
शैलेंद्र मिश्रा, एसडीएम, मिश्रिख
करंट पर नहीं पड़ता है असर
तार मोटा व पतला बिछाने से करंट पर कोई असर नहीं पड़ता है, जहां पर ट्रांसफार्मर लगा होता है। वहां पर कुछ दूरी तक मोटा केबल बिछाया जाता है। इससे उसके फुंकने की आशंका कम रहती है। गांव में बिजली आपूर्ति लगातार दी जा रही है।
शैलेंद्र राजपूत, अधिशासी अभियंता द्वितीय