सीतापुर। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए मददगार साबित नहीं हो रही है। जिले में योजना के चार सौ से अधिक पात्रों को अब तक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। कई महिलाएं दो से तीन साल से योजना का लाभ पाने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर आश्रित को 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। शासन की ओर से पात्र लाभार्थियों को 75 दिन के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पात्रों के खाते में अब तक धनराशि नहीं पहुंची है।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई। बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। योजना के लिए आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज लगाए गए थे, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी सहायता राशि नहीं मिली।
आवेदिकाओं के मुताबिक, जब भी वे समाज कल्याण विभाग के कार्यालय जाती हैं तो कभी बजट की कमी तो कभी जांच लंबित होने की बात कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार योजना के लिए बजट उपलब्ध है। इसके बावजूद चार सौ से अधिक पात्रों को सहायता राशि नहीं मिल सकी है।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल यादव से दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल व्यस्त बताता रहा।
साढ़े तीन साल बाद भी नहीं मिली धनराशि
एलिया ब्लॉक की नसरीन बानो ने मार्च 2023 में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन किया था। उनका कहना है कि साढ़े तीन साल बीतने के बाद भी खाते में धनराशि नहीं आई। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानी हो रही है। इसी ब्लॉक की विजय लक्ष्मी ने भी वर्ष 2023 में आवेदन किया था। उन्हें भी अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है।
दो साल से सहायता राशि का इंतजार
तहसील सदर क्षेत्र की रजनी देवी ने दिसंबर 2023 में आवेदन किया था। उनका कहना है कि योजना की राशि नहीं मिलने से आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मढ़ीपुरवा की माया देवी ने मार्च 2023 में आवेदन किया था, लेकिन उन्हें भी सहायता राशि नहीं मिली। केशवपुर की कुंती और बीबीपुर की रामबेटी भी करीब दो साल से योजना की धनराशि मिलने का इंतजार कर रही हैं।