सीतापुर। पौधारोपण अभियान के तहत रविवार को जिले में करीब 53 लाख पौधे रोपित किए गए। पहली बार सेना की जमीन पर औषधि वाटिका बनाने की शुरुआत हुई। सांसद, नोडल अधिकारी व डीएम ने औषधीय पौधे रोपित करके पूरे अभियान की शुरुआत की। यह पौधारोपण अभियान सभी सरकारी विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पूरे जिले में धूमधाम से शुरू किया गया। हरियाली रोप कर धरा कर श्रंगार किया गया।
सांसद राजेश वर्मा, नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस, जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने वन विभाग द्वारा सैन्य भूमि परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण कर वृक्षारोपण महाभियान 2021 का शुभारंभ किया। सांसद ने बीजसाल, नोडल अधिकारी ने त्रिफला व जिलाधिकारी ने जामुन का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर सांसद ने सभी को अधिक से अधिक पौधे रोपित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमारे जीवन में जितनी आक्सीजन आवश्यक है। उससे कई गुना पौधे लगाने की आदत प्रत्येक व्यक्ति को डालनी होगी।
जिससे हमारा वातावरण शुद्ध हो तथा ऑक्सीजन मिल सके। उन्होंने जनसामान्य से अपील किया अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाए। मिनिस्ती एस ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जन-जन को अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक जागरूकता प्रसारित करने के उद्देश्य से अभियान का शुभारंभ किया गया है। डीएम ने कहा कि जनपद को हरा-भरा बनाए रखने के लिये इस महाभियान से अवश्य जुड़े।
वन महोत्सव का कार्यक्रम जनपद में वृहत स्तर अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। सभी विभागों को लक्ष्य दिए जा चुके है। डीएफओ रूस्तम परवेज ने बताया कि जनपद में करीब 64 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। रविवार को एक ही दिन में 53 लाख पौधे रोपित किए गए है, जिसमें सेना की जमीन पर औषधि वाटिका में आंवला, बेल, जामुन, बालम कीरा, बहेड़ा, गिलोय, विजयसाल, अर्जुन बेल, नीम आदि पौधे रोपित किए गए है। यह अभियान चलता रहेगा।
हरदोइया और कन्धेलिया में किया निरीक्षण
नोडल अधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर हरदोइया में मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे पौधरोपण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परसेंडी विकासखंड के ग्राम कन्धेलिया में भी पौधरोपण के कार्यों को देखा। यहां पर जनसामान्य को अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने तथा लगाए गए पौधों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित भी किया। नोडल अधिकारी ने आधुनिक बीजों से ढैंचा, भिंडी, लौकी, मक्का आदि के उत्पादन को देखा। एकीकृत मत्स्य नर्सरी एवं मुर्गी पालन स्थल का भी निरीक्षण किया।