प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रधानाध्यापक पदों पर तत्काल पदोन्नति किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को बेसिक शिक्षाधिकारी संजीव सिंह को ज्ञापन सौंपा। जिसके जरिए 24 सूत्री मांगों पर कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई।
जिलाध्यक्ष राजकिशोर सिंह व जिला मंत्री रवींद्र दीक्षित ने कहा कि एमडीएम के तहत बंटने वाले दूध की जवाबदेही शिक्षकों से समाप्त की जाए। विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराया जाए।
निलंबित शिक्षकों को बहाल किया जाए। ब्लॉक संसाधन केंद्र से पाठ्य पुस्तकों का उठान शिक्षक अपने निजी खर्च पर करते है। जबकि शासन की तरफ से उठान का पैसा दिया जाता है। विभाग की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल रही है।
इस घोटाले की जांच कराई जाए। बीआरसी पर एक पंजिका बनवाई जाए, जिसमें सभी प्रकार के आवेदन अंकित किए जाए। समन्वयक के पद रिक्त हैं। इन्हें तत्काल भरा जाए। बीईओ खैराबाद व सकरन द्वारा शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनसे धन उगाही हो रही है।
इसकी जांच हो। लंबे समय से एक ही ब्लॉक में तैनात बीईओ के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया जाए। सेवानिवृत्त शिक्षकों के तमाम बिल बेसिक विभाग में लंबित पड़े हैं, जिससे उनके अवशेषों का भुगतान नहीं हो रहा है। इन लंबित पत्रावलियों पर कार्रवाई की जाए।
रसोइयां चयन की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए। प्रेरक व आंगनबाड़ी की उपस्थिति को प्रमाणित करने का अधिकारी शिक्षकों से हटाया जाए। बीईओ गोंदलामऊ द्वारा निरीक्षण के समय हाजिरी रजिस्ट्रर पर उपस्थित की जगह अनुपस्थित लिखा जा रहा है। इस मामले की जांच हो।
नवनियुक्ति शिक्षक जिनके पेंशन फॉर्म भरकर खाते खोले जाने है। इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों में न लगाया जाए।