लंबे इंतजार के बाद मंगलवार की भोर झूमकर बरसे मेघों ने मौसम खुशनुमा कर दिया। भीषण गर्मी से बेहाल लोगों को राहत मिली तो उनके चेहरे खिल उठे। बारिश व बदली से मौसम का मिजाज बदला तो पारा भी लुढ़क गया।
दोपहर तक हुई झमाझम बारिश ने लोगों को जमकर भिगोया। दोपहर बाद बारिश थम गई, लेकिन गर्मी का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया। पिछले एक पखवाड़े से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी बारिश न होने से भीषण गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया था।
सावन महीने में जून-जुलाई सरीखी गर्मी से लोग बेहाल हो उठे थे। इन्द्र देव मानों रूठ गए थे। इसी बीच सोमवार की देर रात मौसम ने करवट बदली। आसमान में काले बादल घिर आए।
उमड़ते मेघों ने लोगों में बारिश की आस जगाई। लेकिन रात गुजर गई और बादलों से एक बूंद न गिरी। लोगों की उम्मीद दम तोड़ने लगी कि इन्द्रदेव एकाएक मेहरबान हो गए। सुबह करीब छह बजे बारिश शुरू हुई तो दोपहर तक झूमकर बादल बरसे।
इस दौरान स्कूली बच्चों, नौकरी पेशा व जरूरी काम से घरों से निकले लोगों को बारिश में भीगने के साथ ही जल भराव व कीचड़ का भी सामना करना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे बारिश थमी।
सोमवार की तुलना में मंगलवार को पारे में 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।