सीतापुर। नए साल के साथ ही अब 26 जनवरी व मकर संक्राति आने वाली है। ऐसे में साइबर ठग आपके साथ ठगी कर सकते हैं। त्योहारों पर बधाई संदेश से जुड़े मैसेज भेजकर भी ठग आम जन के खातों को खाली करने का काम कर सकते हैं।
साइबर ठगों की तरफ से भेजे जाने वाले मैसेज के साथ ही एपीके एप भी होता है। जैसे ही मैसेज खोला जाता है, आपका फाेन हैक हो जाएगा। ठग आपके खातों की जानकारी निकालने के बाद कुछ ही मिनट में आपकी कमाई को उड़ा सकते हैं। ऐसे में कभी भी किसी भी नंबर से अगर आपके पास मैसेज आता है तो आप उसे क्लिक न करें। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि जिले में कई ऐसे मामले सामने आए हैं। जिसमें लोग शादी का कार्ड, नए साल की बधाई या 26 जनवरी आदि का मैसेज समझकर एपीके फाइल को खोल चुके हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं है लोगों को इससे बचने के लिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
यह होती है एपीके फाइल
एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल किसी एप को इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है। इन फाइल के आखिर में डॉट का निशान लगने के बाद अंग्रेजी में .apk लिखा होता है। साइबर ठग इन फाइलों का प्रयोग ठगी के लिए करते हैं। फाइल डाउन लोड़ होते ही आपके मोबाइल ठगों के इशारे पर काम करने लगता है। आपकी सारी जानकारियां फोन के जरिए ठगों के पास पहुंच जाती हैं।
चालान का भी हो सकता है रूप
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने बताया कि एक ग्रुप में वह जुड़े हुए हैं। उस ग्रुप में एआरटीओ चालान के रूप में एपीके एप आई थी। उन्होंने तुरंत ही उस मैसेज को डिलीट करते हुए अन्य लोगों को इस बात की जानकारी दी कि यह ठगों की चाल हो सकती है।
आप भी बता सकते हैं आपबीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी है तो आप हम अपनी आप बीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। हम हमें 9368724173 पर संपर्क कर सकते है।