सीतापुर। मनरेगा योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों में अनियमितता बरतने पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) महोली सुशांत सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास की जांच में मिली खामियों के कारण की गई है। जेडीसी लखनऊ मंडल को गवर्नर ने जांच अफसर नामित किया है।
विकासखंड महोली की ग्राम पंचायत रहमतपुर ग्रंट में मनरेगा योजना से साहबगंज रोड से किशोरी के खेत तक चकमार्ग पटाई कार्य का मुआयना अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास ने किया था। इस दौरान कार्य कर रहे श्रमिक पवन का नाम मौके पर मौजूद मस्टर रोल में नहीं पाया गया। रोजगार सेवक एवं पंचायत सचिव इस विषय में कोई उत्तर नहीं दे पाए।
रोजगार सेवक ने बताया कि मस्टर रोल उसके द्वारा नहीं भरा गया है। जिस पर पंचायत सचिव ने बताया कि मस्टर रोल किसी तीसरे व्यक्ति अमरनाथ द्वारा भरा गया है। रोजगार सेवक द्वारा यह भी बताया गया कि ब्लाक से उसको कोई भी कागज (मस्टर रोल आदि) नहीं दिया जाता है। मस्टर रोल एवं वर्क फाइल प्रधान को दी जाती है।
अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह ने बीडीओ महोली सुशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि बीडीओ द्वारा मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में जानबूझकर अनियमितताएं बरती गईं।
इस प्रकार उनके द्वारा शासकीय कार्य में लापरवाही एवं घोर अनुशासनहीनता की गई है, जोकि कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन है। निलंबन अवधि में बीडीओ सुशांत सिंह आयुक्त ग्राम्य विकास दफ्तर लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। गवर्नर ने इस प्रकरण में संयुक्त विकास आयुक्त लखनऊ मंडल को जांच अफसर नामित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है।
एपीओ के विरुद्ध नहीं हुई कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास ने जांच के दौरान मनरेगा कार्य में पाई गड़बड़ी पर नाराजगी जताते हुए मौके पर ही बीडीओ एवं एपीओ के विरुद्ध कार्रवाई को कहा था। बीडीओ को शासन ने निलंबित कर दिया, लेकिन शासन के निर्देश के बाद भी एपीओ अभिषेक यादव के विरुद्ध अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह जिले के जिम्मेदारों की लापरवाही का ही नतीजा है। इस संबंध में डीसी मनरेगा सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एपीओ को डीएम की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।