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छोटे मामलों में आजम को मिली बड़ी सजा:चंद्रशेखर

Fri, 22 Nov 2024 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार में सजा काट रहे सपा नेता आजम खां से मुलाकात की। ये मुलाकात करीब एक घंटे से अधिक चली। सांसद ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद दो बार आजम खां से मिलने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए।
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आज जाकर मुलाकात हुई। कहा कि मेरा उनका राजनीति से अलग एक करीबी पारिवारिक रिश्ता है। मैंने देखा कि आजम खां पर बकरी चोरी मामले में दस साल की सजा हुई। जिस जज ने उन्हें निर्दोष करार दिया, उनका ट्रांसफर हो गया। कहा कि छोटे-छोटे मामलों में उनको बड़ी सजा दी जा रही है। ऐसे में लगता है कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है।

चंद्रशेखर ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि परेशानी के बादल जल्द छंट जाएंगे। अगर मुझे किसी राजनीतिक नफा नुकसान की चिंता होती तो चुनाव से पहले आता। कहीं न कहीं चुनाव में बड़ा परिवर्तन हो जाता, लेकिन मैं इसलिए चुनाव के बाद आया हूं क्योंकि इनसे मेरा पारिवारिक रिश्ता है। बताया कि जब मेरे ऊपर गोली चली तो बीमारी के बावजूद मेरे पास आये और साथ दिया।
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आजम की आंख में इंफेक्शन, हो समुचित इलाज

चंद्रशेखर बोले कि उनकी राजनीतिज्ञों से गुजारिश है कि वह वैचारिक विरोध जरूर रखें लेकिन राजनीतिक विरोधियों को सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर हटाने का काम अच्छा नहीं है। अगर आज आप कुछ अन्याय करेंगे तो आने वाले समय में आपको भी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जबकि आजम खान बदले में नहीं बदलाव में विश्वास रखते हैं। आजम खान की हालत ठीक नहीं है, उनकी आंख में इंफेक्शन है। उनका सही से इलाज होना चाहिए।


चंद्रशेखर की इस मुलाकात के सियासी मायने महत्वपूर्ण
वर्ष 2023 में चंद्रशेखर पर हमला हुआ था। इस घटना के बाद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला ने चंद्रशेखर से घर पहुंच कर उनका हाल जाना था। बीते 11 नवम्बर को चंद्रशेखर कुछ दिन पहले हरदोई जेल में बंद आजम के पुत्र अब्दुल्लाह से भी मिलकर आए हैं। वह 17 नवंबर को आजम के रामपुर स्थित आवास पहुंचकर परिजनों से मिले थे। इन मुलाकातों के सियासी मायने बेहद खास हैं।

सीएम ने उपचुनाव को बनाया नाक का सवाल

चंद्रशेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उपचुनाव को अपनी नाक का सवाल बना लिया है। उनको शायद ऐसा लग रहा था कि अगर वह उपचुनाव हारे तो केंद्र की सरकार शायद उन्हें न छोड़े। अधिकारियों ने भी पूरी जोर आजमाइश की। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उपचुनाव कराए गए हैं। जहां चोरी पकड़ी, वहां दरोगा को सस्पेंड कर दिया। जहां नहीं पकड़ी वहां जमकर हिंसा हुई। यह चाइना का बॉर्डर नहीं है कि रिवाॅल्वर निकालकर जनता को डराना पड़े।

बंटेंगे तो कटेंगे बयान पर कसा तंज

चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी के बयान बंटेंगे तो कटेंगे को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह बयान काबिले तारीफ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि 6743 पिछड़ी जातियां बंटी हुईं थीं। इसीलिए सभी लोग रोटी-रोटी को मोहताज थे। कहा कि हम सभी आदिवासी व बहुजन समाज के लोग बंटे हुए थे। इसलिए उनके अधिकार छीने गए। अब समय आ गया है कि सभी एकजुट हो जाएं। क्योंकि अगर बंटे रहेंगे तो प्रदेश से लेकर केंद्र तक हम लोग कटते रहेंगे।
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