सीतापुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब साढ़े 26 हजार लाभार्थियों के स्मार्ट कार्ड उनके घर नहीं पहुंच सके हैं। शहरी क्षेत्र के ये लाभार्थी खोजे नहीं मिल रहे हैं। यह समस्या स्मार्ट कार्ड पर लाभार्थियों का सही पता नहीं होने से हुई है। इससे स्वास्थ्य विभाग ने इन कार्डों को वापस कर दिया है।
जिले में आयुष्मान योजना के 4.31 लाख लाभार्थी परिवार है। इन परिवारों को एक साल में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री की तरफ से सभी लाभार्थियों को पत्र भेजा जा चुका है। इस पत्र के बाद लाभार्थियों को स्मार्ट कार्ड भेजे गए थे।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 2 लाख 86 हजार 275 स्मार्ट कार्ड जिले को प्राप्त हुए थे, जिसमें दो लाख 59 हजार 642 कार्डों का वितरण हो चुका है। 26 हजार 633 कार्ड वितरित नहीं हो सके हैं। केंद्र सरकारी की तरफ से बनकर आए स्मार्ट कार्ड पर लाभार्थी का वार्ड अंकित नहीं था।
आधी जानकारी होने के कारण लाभार्थी को तलाशा नहीं जा सका है। कुछ दिन बाद यह सभी कार्ड स्वास्थ्य विभाग के पास वापस आ गए। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने इसे केंद्र सरकार को वापस कर दिया है।
इलाज में नहीं होगी दिक्कत
लाभार्थी परिवारों के पास प्रधानमंत्री का पत्र पहुंच चुका है। इसके बाद स्मार्ट कार्ड पहुंचने थे लेकिन वह नहीं पहुंच सके है। इससे लाभार्थियों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। वह अपना पीएम का पत्र, आधारकार्ड व राशनकार्ड ले जाकर कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से गोल्डन कार्ड बनवा सकते है। गोल्डन कार्ड के बनने से इलाज मिलता रहेगा।