सिधौली (सीतापुर)। डेढ़ माह से अगवा पुत्री का पता न लगने से क्षुब्ध मां ने कोतवाली में खुदकुशी की कोशिश की। इससे कोतवाली में हड़कंप मच गया। आननफानन कोतवाल को सूचना दी गई।
महिला को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया गया। महिला एक झोले में रस्सी और जहर की दो शीशी लेकर कोतवाली पहुंची थी। खुदकुशी का प्रयास करने पर उससे पुलिस कर्मियों ने झोला ले लिया।
कोतवाली में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने पुत्री को अगवा करने के मामले में कार्रवाई न होने से परेशान होकर थाने में ही खुदकुशी का एलान कर दिया।
जहर की दो शीशियां व फंदे के लिए रस्सी निकाल कर खुदकुशी के लिए तैयार हुई, वैसे ही पुलिस कर्मियों की सांसे फूलने लगीं। बड़ी मुश्किल से मान मनव्वल कर पुलिस वालों ने महिला को समझा कर शांत किया।
सिधौली कोतवाली इलाके के एक गांव की रहने वाली रेशमा पत्नी रामलखन की सोलह वर्षीय बेटी दो अगस्त को अगवा कर ली गई थी।
इस मामले में महिला ने गांव के ही राजपाल, कुलदीप, संदीप, रामलोटन को नामजद किया था। लेकिन घटना के करीब डेढ़ माह बाद पुलिस अब तक लड़की को बरामद नहीं कर पाई। आरोपियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की।
बुधवार को रेशमा थाने पहुंची। उसने कोतवाली में खुलेआम पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खुदकुशी करने की बात कही। उसने झोले से रस्सी और दो शीशी जहरीला पदार्थ निकाला।
इसके बाद रस्सी का फंदा बनाने लगी। यह देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी अवाक रह गए। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों की सांसे फूलने लगीं। कोतवाल को सूचना दी गई। पुलिस कर्मियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर महिला को शांत किया।
महिला ने हल्का इंचार्ज रमेश चंद्र चौहान पर भी गंभीर आरोप लगाए। इंस्पेक्टर अनिल कुमार का कहना है कि महिला आई थी। उसकी लड़की का पता लगाया जा रहा है। महिला को समझाकर पूरी बात बता दी गई है।
पहले भी हो चुकी अगवा करने की कोशिश
महिला ने बताया कि उसकी पुत्री को अगवा करने के मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे पूर्व भी उसकी पुत्री को गांव के ही कुछ लोगों ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर अगवा करने की कोशिश की थी, लेकिन तब ग्रामीणों के पहुंचने पर वह बच गई थी।