जिला योजना समिति की बैठक में प्रदेश सरकार की महिला, शिशु कल्याण मंत्री, जिला प्रभारी मंत्री प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी ने रविवार को विकास मसौदों पर माननीयों-जनप्रतिनिधियों से गुफ्तगू की। तकरीबन तीन घंटे तक चली बैठक में कई कार्यों पर मुहर लगाई गई।
इनमें अस्पताल के साथ डिग्री कॉलेज की स्थापना का भी प्रावधान किया गया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अफसरों की क्लास भी ली, हालांकि बाद में चालू बजट साल में 5 अरब 45 करोड़ 67 लाख रुपये की परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगा दी।
जबकि पिछले साल पांच अरब 44 लाख 31 लाख की परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इस बार एक करोड़ 36 लाख रुपये अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृत दी गई है। इस बजट से शहरी-गंवई इलाकों में सड़कें तो बनेंगी, ड्रेनेज सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। पेयजल सेवाएं दुरुस्त की जाएंगी। इस बार के बजट में एक बड़ा हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च होगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में प्रदेश सरकार की महिला, शिशु कल्याण मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने जिला योजना वर्ष 2017-18 के विकास कार्यों के लिए तैयार बजट मसले चर्चा की। चालू बजट साल में पांच अरब 45 करोड़ 67 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगा दी। लघु एवं सीमांत कृषक योजनाओं में चुने गए लाभार्थी की सूची प्रत्येक विकास खंड को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने बताया कि पशुपालन में 19 विकास खंडों में 15 विकास खंडों में सचल वाहन उपलब्ध करा दिए गए हैं। वाहनों को तय शिड्यूल से चलाया जाएं। उन्होंने कहा कि गाय व गोवंश की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए।
उन्होंने सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता की जानकारी करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में नए नल व रिबोर का प्रस्ताव रखा जाए। उन्होंने जनपद में निर्मित मॉडल स्कूलों की भी जानकारी ली। लहरपुर में डिग्री कॉलेज बनवाकर उसे जल्द ही चालू कराया जाए।
वहीं महोली ब्लॉक मेें नया राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना होगी। बैठक मेें जिलाधिकारी डॉ. सारिका मोहन ने अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्ताव जल्दी भिजवाएं ताकि शासन को जिला योजना जल्दी भेजा जा सके।
खुलेंगे नए आयुर्वेद व होम्योपैथी अस्पताल
जनपद में 23 होम्योपैथी व दस नए आयुर्वेद अस्पताल स्थापित होंगे। दो-दो अस्पताल शहरी इलाकों में खुलेंगे। जबकि सात अस्पताल गंवई इलाके में खुलेंगे। यही नहीं चार होम्योपैथी व तीन आयुर्वेद अस्पतालों को खुद का भवन मिलेगा। योजना में 2.95 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
योजना में 23 होम्योपैथी अस्पताल प्रस्तावित किए हैं, दो अस्पताल शहरी व 21 ग्रामीण इलाकों में खोले जाएंगे। इसके अलावा चार होम्योपैथी अस्पतालों के नए भवन भी बनेंगे। इसी प्रकार दस नए आयुर्वेदिक अस्पतालों की स्थापना होगी, इनमें दो शहरी व आठ अस्पताल ग्रामीण इलाकों में स्थापित किए जाएंगे। तीन आयुर्वेद अस्पताल के भवनों का निर्माण होगा। इस पर 90 लाख रुपये खर्च होंगे।
20 रेडियोलॉजी यूनिटें खुलेंगी
एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अब जिला मुख्यालय तक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें यह सहूलियतें खुद के अस्पताल में मिलेगी। ये सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग 20 रेडियोलॉजी यूनिटें स्थापित करेगा।
इनकी स्थापना के लिए जिला योजना में तकरीबन ढाई करोड़ का बजट रखा गया है। योजना के मुताबिक महमूदाबाद, मिश्रिख, एलिया, कसमंडा, परसेंडी, खैराबाद, गोंदलामऊ, मछरेहटा, महोली, सांडा, रामपुर मथुरा, नीमसार, पहला में डिजिटल एक्स-रे मशीन लगेगी। तहसील स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सात अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जाएगी। इससे मरीजों व तीमारदारों को बेहतरीन सुविधाएं मिलने लगेंगी।