पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी ने जिले के गांजरी क्षेत्र के लोगों में बाढ़ का खौफ पैदा कर दिया है।
घाघरा नदी में आ रहा लाखों क्यूसेक पानी अब गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। नदी तटीय क्षेत्रों में कटान कर रही है। नदी खेती योग्य जमीन को लील रही है।
हालांकि जिला प्रशासन बाढ़ जैसे खतरे को नकार रहा है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण घर छोड़ने के साथ परिवार व मवेशियों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर ले जाने को विवश हैं।
रेउसा क्षेत्र के गोड़ियन पुरवा, कोनी, सिसैया बाजार, निर्मल पुरवा के निकट उफना रही घाघरा का पानी अब आबादी की तरफ बढ़ने लगा है। इससे गोड़ियन पुरवा का मुख्यमार्ग जलमग्न हो गया है।
लोगों ने क्षेत्र की सड़कों पर डेरा डाल रखा है। बुधवार को भी गिरजा बैराज से 91466 क्यूसेक पानी घाघरा नदी में छोड़ा गया। जबकि शारदा बैराज से 68147 क्यूसेक व बनबसा बैराज से 58,892 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कुल मिलाकर 21,8505 क्यूसेक पानी घाघरा व शारदा में सीतापुर की तरफ बढ़ता जा रहा है।
वहीं प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीएसी की टीमों को रेउसा व काशीपुर में रोक रखा है। ये टीमें हालात बिगड़ते ही मदद के लिए बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में उतर जाएंगी।