सीतापुर। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान जिले भर में विविध कार्यक्रम आयोजित कर उनको नमन किया गया। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की।
महमूदाबाद। सुशासन दिवस पर प्राथमिक विद्यालय बघाइन में आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में अल्तमस को प्रथम, राज मोहम्मद को द्वितीय तथा सुंदुस फिरदौस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। आदर्श साहू को सांत्वना पुरस्कार मिला। चित्रकला प्रतियोगिता में नूर आलम को पहला, रूमान को दूसरा और नायमा को तीसरा स्थान हासिल हुआ। अनूप कुमार, फलक, आयुषी, उत्कर्ष और उम्मे फलक को सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा। विजयी प्रतिभागियों को कैरम बोर्ड, बैट-बाल, बैडमिंटन सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
लहरपुर। आदर्श कैलाश नाथ इंटर कॉलेज में सुशासन दिवस पर प्रधानाचार्य अवधेश कुमार अवस्थी ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन दिया। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य विरेंद्र पुरी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने सीएचसी में मरीजों को फल व पोषण सामग्री वितरित की। इस मौके पर एडवोकेट प्रमोद बाजपेई, रामे बाजपेई, मनमोहन गुप्ता, प्रमोद अवस्थी, वीरेंद्र मिश्रा, विजेंद्र शुक्ला आदि उपस्थित थे। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण परिषद ने मोहल्ला शेख टोला में 62 निराश्रितों को कंबल तथा 46 बच्चों को जैकेट, स्वेटर व गर्म कपड़े और शिक्षण सामग्री वितरित की। इस मौके पर अब्दुल्ला बशीर, मोहम्मद हसीन अंसारी, मोहम्मद शोएब, मो. सलीम, दाऊद, जयदेवी, कृष्णावती, लीलावती, इब्राहिम आदि उपस्थित रहे।
कविताओं की बही रसधार
महोली। कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सभागार में बृहस्पतिवार शाम भारतोदय सीतापुर व संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि ललितकला अकादमी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद कवि विकास मौर्य ने मां शारदे की वंदना पढ़ी। युवा कवि सलमान सीतापुरी ने अटल जी के व्यक्तित्व पर आधारित कविता- अटल की महिमा है सबसे प्यारी, अटल बिहारी अटल बिहारी, पढ़ी तो सभागार तालियों से गूंज उठा।
कवियित्री डॉ. नेहा सिंह ने रानी लक्ष्मीबाई की वीरता पर काव्य पाठ किया। कवि रजनीश मिश्र ने सुनाया, बदलाव हो गया है अब उनके आचरण में, मिलती जिन्हें खुशी थी हिंदुत्व के क्षरण में, टीका खड़क तुला को जो कोसते थे जमकर, वह बाबरी समर्थक हैं राम की शरण में। कवि राजकुमार तिवारी ने पढ़ा, भाव भरे कविगण अंगूरी लाए छंदों की हाला, हास संग शृंगार सजा है प्रज्ज्वलित ओज की ज्वाला। मंच संचालन सुनीत बाजपेई ने किया। इस दौरान विष्णुदत्त दीक्षित, राहुल मिश्र, मोहित सेवक शुक्ल, राजेश तिवारी, सतीश वर्मा, अजय प्रताप शुक्ल, राजीव शुक्ला आदि मौजूद रहे।