किसानों को जागरूक करतीं कृषि वैज्ञानिक। -संवाद
सीतापुर। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया द्वारा विकासखंड खैराबाद के ग्राम बरशोइया में संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता अभियान का रविवार को आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक करना और खेती में बढ़ती लागत को कम करने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी देना था।
अभियान के दौरान केवीके के वैज्ञानिकों ने 48 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की महत्ता समझाते हुए संतुलित मात्रा में खाद के उपयोग पर जोर दिया। वैज्ञानिकों ने बताया कि अंधाधुंध उर्वरकों के प्रयोग से न केवल मिट्टी की उर्वरक शक्ति क्षीण होती है, बल्कि किसान की खेती की लागत भी बढ़ जाती है। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर ही खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है।
गृह वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने किसानों को संबोधित करते हुए खेती के साथ-साथ परिवार के पोषण और उन्नत गृह प्रबंधन के गुर सिखाए। उनके द्वारा संतुलित आहार और आधुनिक कृषि में महिलाओं की भागीदारी पर भी चर्चा की गई। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में कृषि सखी मधुरानी का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कृषक शशिकांत, बाबूराम, रामकुमार सहित क्षेत्र के अन्य प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। इन्होंने वैज्ञानिक विधि से खेती करने का संकल्प लिया।