सीतापुर। साइबर ठग कमीशन का लालच देकर सीधे-साधे लोगों से उनके खातों की जानकारी लेकर अपने जाल में फंसाकर अपराध की ओर ले जाते हैं। घर बैठे मिलने वाले मोटे कमीशन की लालच के चक्कर में लोग अपने खाते की सारी जानकारी ठगों को आसानी से दे देते हैं। जिनमें कुछ समय बाद ठगी के रुपये आते हैं। पुलिस जांच में पकड़ने जाने पर साइबर ठग तो सफा बच निकलते है जबकि खाताधारक शिकंजे में फंस जाता है।
दरअसल साइबर ठग किसी जरिए से ठगी हुई रकम को अपने पास तक लाने के लिए म्यूल खातों का प्रयोग करते हैं। वह किसी को भी कमीशन का लालच देकर उसका खाता खुलवाते हैं। इसके बाद उसके सारे दस्तावेज भी अपने पास जमा करा लेते हैं। जैसे ही रकम आती है, वह खाते से रुपये निकालते हैं। फिर खाताधारक को उसका कमीशन देने के बाद अपना रुपया सुरक्षित तरीके से ले लेते हैं। जब पुलिस ऐसे खातों की जांच करती है तो खाताधारक में कार्रवाई के घेरे में आ जाता है।
साइबर विशेषज्ञ अजय रावत बताते हैं कि जिले में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं। किसी लालच में आकर 15 या 20 प्रतिशत कमीशन के चक्कर में अपना खाता खुलवाकर देते हैं। म्यूल खातों का अर्थ है कि एक ऐसा बैंक खाता जिसे अपराधी गैरकानूनी गतिविधियों, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसमें रुपये किसी अवैध स्रोतों से ही आते हैं। खाताधारक या तो लालच में आकर या धोखे से इसमें शामिल हो जाता है।