सीताुपर। एक ब्लॉक के दो गांवों के तीन स्वयं सहायता समूह तरक्की की नई इबारत लिख रहे हैं। समूह सखी और कृषि आजीविका सखी की ओर से अपराजिता की खेती कर महक बिखेर रहे हैं। केवीके कटिया के अध्यक्ष डाॅ. दयाशंकर श्रीवास्तव और प्रगतिशील किसान अशोक गुप्ता से प्रशिक्षण लेकर खेत में खिले फूलों को तोड़ने के साथ बिक्री का काम शुरू हो गया है। अन्य महिलाएं भी इसकी खेती करेंगी।
बिसवां ब्लाॅक की ग्राम पंचायत भिनैनी में नारी सशक्तीकरण महिला स्वयं सहायता समूह की कृषि आजीविका सखी सीता देवी ने डेढ़ बीघा खेत में अपराजिता की खेती शुरू की है। इसी ग्राम पंचायत के इमलिया माता स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और समूह सखी शशीबाला ने 10 बिस्वा खेत में अपराजिता की पौध लगाई है।
ग्राम पंचायत कैमहरा कला के सीता महिला स्वयं सहायता समूह की कृषि आजीविका सखी किरन ने एक बीघा खेत से अपराजिता की खेती शुरू की है। तीनों के खेतों में अपराजिता के फूल खिलने लगे हैं। इससे इनके चेहरे खिल गए हैं। वह समूह की महिलाओं की ओर से फूल तोड़ रही हैं। इन फूलों की बिक्री कमुआ निवासी प्रगतिशील किसान अशोक गुप्ता के एफपीओ में किया जाता है।
समूह की महिलाओं को भी मिला रोजगार
तीन समूहों की तीन महिलाओं के प्रयास से समूह की तकरीबन 30 महिलाओं को भी रोजगार मिला है। इस समूहों की पदाधिकारी और सदस्य क्रमश: आशा देवी, कामिनी, अलका राजवंशी, चंद्रकली, अंकिता, मंजू दीप, सुमन, संगीता, रोबिता, अर्चना, ऊषा देवी, शिवकुमारी, साजि़दा, रिंकी मौर्या, कांती देवी, साबिरा, ज्याेंती, आसिया, प्रीति आदि का भी फायदा होगा।