रामपुर मथुरा (सीतापुर)। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बीते तीन साल में 20 ग्राम पंचायतों में शौचालय बनवाने के लिए भेजे गए 69 लाख 74 हजार रुपये का जिम्मेदारों ने गबन कर लिया। इसका खुलासा सेवता विधायक की शिकायत पर हुई जांच में हुआ। अब इस घोटाले से संबंधित प्रधानों से डीएम ने जवाब तलब किया है। तय समय में जवाब न देने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण में अब तक चार सचिव बर्खास्त किए जा चुके हैं। घोटाले के आरोपियों के विरुद्ध रामपुर मथुरा थाने में मुकदमा भी दर्ज है।
रामपुर मथुरा ब्लॉक की 20 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में ग्राम निधि-6 के मद में धनराशि भेजी गई थी।
इस धनराशि के दुरुपयोग करने की शिकायत विधायक ज्ञान तिवारी ने डीएम से की थी। इसकी जांच तीन अफसरों ने की थी। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पांच सचिवों को निलंबित करते हुए अंतिम जांच के लिए अफसर नियुक्त किए गए थे। जिनकी रिपोर्ट पर इसी माह चार सचिवों को बर्खास्त किया गया था। जबकि एक सचिव का डिमोशन करते हुए मूल वेतन पर किया गया था।
इस मामले में 69 लाख 74 हजार 989 रुपये का गबन पाया गया है। इसी मामले में डीएम अनुज सिंह ने संबंधित 20 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी की है। इसमें दुरुपयोग की गई धनराशि का उल्लेख करते हुए जांच रिपोर्ट भी भेजी गई है। एक सप्ताह में नोटिस का जवाब देना है। तय समय में जवाब न देने पर दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
इन प्रधानों से मांगा गया जवाब
डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि डीएम अनुज सिंह ने बगस्ती ग्राम पंचायत के प्रधान श्रीराम का जवाब तलब किया है। इसी तरह गोंडा देवरिया के नागेंद्र कुमार, गौरा की गीता देवी, समदा की प्रतिमा देवी, शुकुलनपुरवा की कौशल्या, ढकवा की शिल्पी सिंह, राजापुर इसरौली के सिपाहीलाल, मुर्तजा नगर के अहमद अली, मीरानगर की श्रीदेवी, रन्नी की वंदना, केवडा के बाबू, कनरखी की कुवांरी देवी, उमरी गनेशपुर के लक्षिमन, गढचपा की जुबेदा खातून, केसरवारा के विश्राम लाल, अखरी के जनमेजय, अंगरौरा की शैलकुमारी, मितौरा के आलोक श्रीवास्वत, रुदाईन की लीलावती और ग्राम पंचायत पिपरी की प्रधान माया देवी को कारण बताओ नोटिस भेजी गई है।