महोली। वर्ष 1999 से बंद पड़ी उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की महोली चीनी मिल की 43.320 हेक्टेयर जमीन अब औद्योगिक विकास में काम आ सकती है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बुधवार को शासन को प्रस्ताव भेजकर भूमि को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) या संबंधित विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि चीनी मिल की जमीन महोली नगर पंचायत क्षेत्र में है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-24 से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर है। क्षेत्र रेलमार्ग से भी जुड़ा है। ऐसे में यहां औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक पार्क या आईटी पार्क विकसित किए जाने की अच्छी संभावनाएं हैं।
भूमि का औद्योगिक उपयोग होने से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग स्थापित हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही जिले के औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग को पत्र भेजकर प्रस्ताव पर जल्द विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद
डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि महोली चीनी मिल वर्षों से बंद है। इसकी भूमि के औद्योगिक उपयोग के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी।