सीतापुर। अपनी मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों की सांकेतिक भूख हड़ताल मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हालांकि हड़ताल का नेतृत्व कर रहे जिम्मेदार मरीजों को कोई असुविधा नहीं होने देने की बात कह रहे हैं। फिलहाल आज होने वाले फैसले पर सभी की नजर है।
जीवीके कंपनी से 25 सितंबर को आठ घंटे की ड्यूटी और चार घंटे ओवरटाइम का वेतन मिलने का करार होने के बाद भी पैसे नहीं मिलने, पीएफ नहीं जमा करने, समय से भुगतान नहीं होने, बेवजह नौकरी से निकालने के विरोध में स्वास्थ्य विभाग की 108, 102 एंबुलेंस और एएलएस संघ के कर्मचारियों की सांकेतिक भूख हड़ताल रविवार को शुरू हुई थी।
मंगलवार को भी हड़ताल जारी रही। संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक मिश्र ने बताया कि सांकेतिक भूख हड़ताल की जा रही है। कोई भी एंबुलेंस सेवा ठप नहीं है। कुुछ चालकों ने पैसे नहीं मिलने पर स्वेच्छा से एंबुलेंस खड़ी कर दी है, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। किसी भी मरीज, आमजन को इस हड़ताल से परेशानी नहीं होगी।
बताया कि मामला लेबर कोर्ट लखनऊ में मंगलवार को जा चुका था, लेकिन मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है। बताया कि हम लोग प्रदेशव्यापी हड़ताल का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। उम्मीद है कि बुधवार को इस पर कोर्ट फैसला सुना सकता है। न्यायालय पर भरोसा है कि जीत हमारी होगी। हमारे साथ न्याय होगा। आज के फैसले पर नजर है।