सीतापुर। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों की सीटें फुल हो गई है। अब तीसरे चरण में इन विद्यालयों में नौनिहालों को प्रवेश मिलना मुश्किल हो जाएगा। इससे नौनिहालों को अपना विकल्प बदलने की जरूरत पड़ेगी। अब तक 433 नौनिहालों को दाखिला दिलाया जा चुका है।
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत कान्वेंट स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर जरूरतमंद नौनिहालों को प्रवेश दिलाया जाएगा। इस अधिनियम के तहत शुरुआती दो चरणों की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। पहले चरण में 252 व दूसरे चरण में 181 नौनिहालों को प्रवेश मिला था। अगर शहर के नामी विद्यालयों की बात की जाए तो पहले चरण में ही इनके यहां पर सीटें फुल हो गई थी।
दूसरे चरण में कुछ ही सीटें बची थी, वह भी फुल हो गई है। इस समय तीसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है। एक सप्ताह के अंदर इस चरण के नौनिहालों को प्रवेश दिलाया जाएगा। लेकिन इस चरण में नौनिहालों को अपना मनपसंद विद्यालय मिलना मुश्किल हो जाएगा।
बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि निशुल्क एवं अनिवार्य अधिनियम के तहत नौनिहालों को दो चरणों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। अब तीसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
करीब पांच सौ आवेदन हो चुके रिजेक्ट
इस अधिनियम के तहत करीब पांच सौ आवेदन रिजेक्ट किए जा चुके है। किसी ने एक किलोमीटर के दायरे से अधिक के स्कूलों का विकल्प भर दिया तो किसी ने गांव के पते को लगाकर शहर में दाखिल लेने की कोशिश की। शुरुआत चरण में बीईओ की जांच में इसका खुलासा हुआ। इसके बाद इनके आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए है।