लहरपुर। छावनी मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों पर मृत बच्चे के इलाज के नाम पर वसूली का आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों ने अंधेरे में रखकर हजारों रुपये वसूलने का आरोप लगाया है।
21 नवंबर को हरगांव के प्यारापुर कोरैया गांव निवासी अमर सिंह ने अपने पुत्र अक्षत (7) को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए अस्पताल के चिकित्सक ने इलाज शुरू किया। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने मौत की जानकारी दी तो परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन बच्चे की मौत के बाद भी इलाज करता रहा।
इलाज के नाम पर करीब 70 हजार रुपये भी वसूले गए। परिजन बच्चे का शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझाया। पुलिस ने परिजनों से कहा कि यदि आप लिखित प्रार्थना पत्र देते हैं तो अस्पताल प्रशासन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हालांकि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
चिकित्सक बोले- बच्चे की हालत गंभीर थी
अस्पताल संचालक ने बताया कि जब बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया था, तब उसकी कंडीशन काफी खराब थी। उसे बीसीएम हॉस्पिटल, खैराबाद से रेफर किया गया था। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। तभी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। इस बारे में परिजनों को सूचित भी किया गया था। उनसे आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे।
स्वास्थ्य महकमे ने शुरू की जांच
बच्चे की मौत व अस्पताल में हंगामे की सूचना पाकर स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. आनंद मित्रा ने बताया कि सीएचसी के डॉ. नीतेश वर्मा को निजी अस्पताल भेजा गया है। डॉ. नीतेश वर्मा ने अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल के सभी दस्तावेज व स्वास्थ्य संबंधी सारी सुविधाएं ठीक पाई गईं हैं। बच्चे की मौत के मामले में जांच शुरू कर दी है।