सीतापुर। शहर के सेवांता अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही और धनउगाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल से लखनऊ ले जाते समय शुक्रवार देर शाम मरीज की मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
मृतक के भाई दुर्गेश के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने अपने भाई शैलेश को रोडवेज बस स्टेशन के पास स्थित सेवांता अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि वहां चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार यादव ने पेट का ऑपरेशन किया। इसके लिए उनसे डेढ़ लाख रुपये लिए गए। ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर चिकित्सक ने दो लाख रुपये और मांगे।
दुर्गेश के मुताबिक, रुपये की व्यवस्था न होने पर उन्होंने मरीज को अस्पताल से रेफर कराया और लखनऊ ले जाने लगे। रास्ते में शैलेश की मौत हो गई। मामले में परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ कोतवाली शहर में भी तहरीर दी है।
एसडीएम सदर न्यायिक और सर्जन करेंगे जांच
सीएमओ डॉ. सुखरंजन समद्दर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर न्यायिक सीमा सिंह और जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. अनूप की दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन के बाद हुआ था सुधार
31 जुलाई को ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद हालत में सुधार हुआ था। एक दिन पहले पेट फूलने लगा तो करीब डेढ़ लीटर पानी निकाला था। इससे लिवर काम करने लगा था। उसके बाद आगे भी इलाज की जरूरत थी। मरीज का करीब 92 हजार रुपये बकाया था। जब इसे जमा करने के लिए कहा गया तो परिजनों ने रकम देने से इन्कार कर दिया और वह निजी वाहन से मरीज को लखनऊ लेकर चले गए। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी।
- डॉ. संतोष कुमार यादव, सेवांता अस्पताल संचालक